झांसी। बुंदेलखंड क्रांति दल ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बीते रोज राजकुमार हरदौल नाटक के मंचन के दौरान रानी चंपावती के अपमान को लेकर नाराजगी जाहिर की है। इस मामले की जांच की मांग करते हुए तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
बुंदेलखंड क्रांति दल के अध्यक्ष कुंवर सत्येंद्र पाल सिंह ने कहा कि वह एक वीडियो भेज रहे हैं, जो कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी का है।
इस विडियो में ओरछा के राजा जुझार सिंह की पत्नी रानी कुन्जा देवी और राजकुमार हरदौल का नाटक का मंचन किया गया है।
बुंदेलखंड में राजकुमार हरदौल और रानी चंपावती का नाम अमर है। सभी उन्हें बड़े सम्मान से याद करते हैं।
लेकिन इस नाटक में जो बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में मंचन हुआ उसमें रानी चंपावती का अपमान किया गया है।
इसमें 6.35 सेकेंड से 6.45 सेकेंड तक सुनें । जिसमें रानी चंपावती को पाखंडी और रण्डी कहा गया है।
महोदय सवाल ये है कि इस तरह की स्क्रिप्ट को किसने अनुमति दे दी। कोन इस का आयोजक था। ये तो बुंदेलखंड के इतिहास के साथ गंभीर अपराध है। बुंदेलखंड के इतिहास और संस्कृति का अपमान है।
बुंदेलखंड क्रांति दल ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के कुल सचिव से इसकी शिकायत की है। कि इस बारे में आवश्यक कार्यवाही होना चाहिए।
