झांसीः झांसी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले बबीना विधायक की बात आज सौ फीसद सच साबित हो रही है। जनपद मे मारपीट, लूट, जुआ, अवैध शराब और अवैध कब्जे की वारदाते हो रही हैं। लूट और मारपीट का आलम यह है कि खुद भाजपाई भी इसकी चपेट मे आ रहे
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हैं। यह बात पिछले दो दिन मे हुयी घटनाओ से समझी जा सकती हैं।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले की यह कहे कि उनके राज मे कानून का बोलबाला है। गुंडे, माफिया प्रदेश की धरती पर नहीं रहेगे। अपराध करने वालो का स्थान जेल मे है।

उनकी बात मे दम तब आये, जब पिछड़े इलाको मे कानून का मानने वाले बेखौफ ना हो। बुन्देली माटी का अहम हिस्सा झांसी अपराध को लेकर लोगो की जुबां पर है। बीते रोज नवाबाद थाने मे बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ताओ ने जमकर हंगामा किया।
उनका अरोप है कि गौ तस्करी को पुलिस रोक नहीं पा रही। हम रोक रहे, तो मारा जा रहा। पुलिस पर सीधे आरोप लगा रहे विहिप के पदाधिकारी यह कहने से नहीं चूक रहे कि थाना प्रभारी पैसा लेकर काम कर रहे हैं।
हद तो तब हो गयी, जब भाजपा के एक पदाधिकारी संजीव अग्रवाल उर्फ लाला की पत्नी के गले से चेन लूट ली गयी। यानि यह माना जा सकता है कि झंासी जनपद मे अपराध चरम पर है?
अपराध करने वालो के निशाने पर आम आदमी के साथ भाजपाई भी हैं। तो फिर कहां कानून के राज का दावा किया जा रहा?
वैसे आपको बता दे कि प्रदेश मे भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ध्यान बुन्देलखण्ड पर है, लेकिन स्थानीय स्तर पर भाजपा के अंदर मची उठापटक ने समस्याओ को देखने के बजाय अपने को चमकाने और आरोपो मे उलझाने का काम कर रखा है।
