झांसीः मउरानीपुर मे पूर्व ब्लाक प्रमुख लेखराज का पुलिस के साथ कथित गठजोड़ ने यूपी सरकार को सकते मे डाल दिया। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने आडियो सामने आने के बाद कोतवाल को सस्पेन्ड कर दिया है। आइये जानते है कि पूरा माजरा क्या है।?बीते रोज पुलिस से हुई मुठभेड़ के बाद हालांकि वह भाग निकला। इसमें कोतवाल मऊरानीपुर सुनीत कुमार सिंह चुटहिल हुए तो वह एक आरोपी को भी गोली लगने का दावा कर रहे हैं। वहीं इस घटना से चंद दिनों पूर्व का एक ऑडियो वायरल हो रहा है। जिसमें कोतवाल सुनीत कुमार सिंह इस मोस्ट वांटेड लेखराज सिंह यादव से फोन पर बातचीत कर रहे हैं और भाजपा के दो बड़े नेताओ के नाम लेते हुए उन्हें समझने के लिए लेखराज को बता रहे हैं। साथ ही खुद को भी एक आपराधिक प्रवृत्ति का होने का दावा कर रहे हैं ।
वायरल हुए इस ऑडियो में लेखराज बार-बार कोतवाल से मदद मांग रहा है, मगर कोतवाल उसे भाजपा जिलाध्यक्ष संजय दुबे व बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा का नाम लेकर बता रहे हैं कि इन नेताओं को समझ लो। नहीं तो कुछ भी संभव है। वह लेखराज को एनकाउंटर करने की अप्रत्यक्ष रूप से धमकी भी दे रहे हैं। लेखराज बार-बार खुद के लिए मदद मांग रहा है और सुनीत कुमार सिंह उसे हर बार सिस्टम में आने के लिए कह रहे हैं। वह लेखराज को समझा रहे हैं कि सपा सरकार में भी आप जेल गए थे, पप्पू सेठ के समय। इसलिए सिस्टम को समझा करो और समझने की कोशिश करो। लेकिन लेखराज उनके आगे सरेंडर करने को तैयार नहीं हो रहा है। लेखराज ने इस ऑडियो में कई बार कोतवाल से स्पष्ट बात करने को कहा, मगर कोतवाल फोन पर ज्यादा खुलकर बताने को राजी नहीं है। हां, मुलाकात करने पर बताएंगे। लेकिन वह यह भी कह रहे हैं कि मुलाकात किन हालातों में हो, आमने सामने हो। यह नहीं कहा जा सकता। इस पर लेखराज जवाब देता है कि क्या सीधे एनकाउंटर के आदेश हैं? इस पर कोतवाल हंसते हुए उसे कुछ भी बताने से इंकार करते हैं और कहते हैं कि जब सब हो जाएगा तो बता दिया जाएगा। कोतवाल यह भी लेखराज को जानकारी दे रहे हैं कि उसका व उसके अन्य साथियों के मोबाइल नंबर सर्वेलांस पर लगे हैं, पल-पल की लोकेशन ली जा रही है।
