झांसी-जनता की याददाश्त कमजोर नहीं होती। विधायक रवि शर्मा पहले भी पूर्व की महापौर श्रीमती किरन वर्मा के साथ कदमताल करने का दम भर चुके हैं। एक बार फिर से उन्होने नये महापौर रामतीर्थ सिंघल के साथ तान मिलाने का प्रयास किया है। दोस्ती और विकासपथ पर चलने की दोस्ती की पहली सीढ़ी सीपरी बाजार से तय की गयी। यहां चैपाल लगी और व्यापारियो की दास्तां को सुनते हुये सरल बनाने का वचन दिया गया। सवाल यह है कि क्या यह दोस्ती कुछ रंग लायेगी? सही मायने मे देखा जाए, तो झांसी को विधायक से काफी उम्मीदे है। महापौर से भी।
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नगर विधायक रवि शर्मा का यह दूसरा कार्यकाल है। वैसे तो रवि का काम काज हौले-हौले होता है और कब समय निकल जाता किसी को पता नहीं चलता। प्यार भरी मुस्कान और अपनों को झप्पी देने मे महारत हासिल रखने वाले विधायक के सामने सवाल इस बार चुनौती भराहै।

पिछले कार्यकाल मे रवि ने विरोधी सरकार की आड़ लेकर अपने को विकास पुरूष बनने से बचा लिया था। अब जनता जानती है कि दोनो पाले आपके हैं। समय भी है और नजाकत भी। मौकायेदस्तूर मे यदि झांसी विकास के पथ पर नहीं चलती है, तो यकीनन कहा जाएगा कि जनप्रतिनिधियांे को अपने लिये जिन्दगी जीने से फुर्सत नहीं मिलती।
आज रवि ने अपने पिछले दिनो सीपरी बाजार मे किये गये दौरे को दूसरे चरण मे प्रवेश कराने के लिये चैपाल का आयोजन किया। पिछले दौरे मे वो व्यापारियो के बीच पहुंचे, तो सैकड़ा आवाज इस बात की आयी थी कि माननीय हमारी दशा क्यो नहीं सुधारते।
सीपरी शौचालय, ओवरब्रिज के नीचे की सड़क, वाहन पार्किंेग से लेकर फुटपाथ दुकानदार की समस्याएं आसमान पर आज भी लटकी है। समस्याओ के समाधान को टकटकी लगाये दुकानदार आज कुछ आशा भरी नजरो से माननीयो को देखने लगे।

विधायक का चेहरा भी हर किसी का सवाल सुनने को बेताब नजर आया। यह देखकर अच्छा लगा। वैसे विधायक को यह कला बखूबी आती है कि वो आपकी बात सुन ले और फिर आपको अपने पीछे लगा ले।
बरहाल, सवाल यह नहीं है कि विधायक और महापौर ने संयुक्त पहल कर सीपरी बाजार की समस्याओ के समाधान की दिशा में कदम बढ़ाये। सवाल यह है कि नगर को विकास के पथ पर दौड़ाने के लिये यह कदमताल कितनी देर तक चलती है और धरातल पर क्या नजर आता है? इस दौरान सुधीर सिंह, संतोष साहू, पंकज शुक्ला सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
