नई दिल्ली 9 जुलाईः दिल्ली का निर्भया केस आज पूरी दुनिया मे गूंज रहा है। इस केस के सभी दोषियो को फांसी की सजा सुनायी गयी है। सुप्रीम कोर्ट ने चार आरोपियो मे से तीन की याचिका को खारिज करते हुये फांसी की सजा बरकरार रखी है। यह मामला 2012 मे हुआ था।
दोषियों की फांसी की सजा बरकार. विनय, मुकेश और अक्षय को होगी फांसी.
– जस्टिस अशोक भूषण ने कहा, ‘आपराधिक मामलों में रिव्यू तभी संभव है, जब कानून में कोई स्पष्ट गलती हो.’
– पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज.
– निर्भया के माता-पिता और वकील कोर्ट रूम में पहुंचे.
मुकेश सिंह- मुकेश सिंह बस का क्लीनर था. वारदात की रात वह भी बस में सवार था. गैंगरेप के बाद मुकेश ने निर्भया और उसके दोस्त को बुरी तरह पीटा था. वह अभी तिहाड़ जेल में बंद है.
विनय शर्मा- विनय पेशे से फिटनेस ट्रेनर था. वारदात के वक्त वह बस चला रहा था. विनय भी तिहाड़ जेल में कैद है. राम सिंह के खुदकुशी करने के बाद उसने भी जेल के भीतर आत्महत्या की कोशिश की थी, लेकिन बच गया.
अक्षय ठाकुर- बिहार का रहने वाला अक्षय ठाकुर अपनी पढ़ाई छोड़कर घर से भागकर दिल्ली आ गया था. यहां उसकी दोस्ती राम सिंह से हुई थी. उसके सहारे वह फल बेचने वाले पवन गुप्ता से भी घुल-मिल गया था. अक्षय ठाकुर भी तिहाड़ जेल में कैद है. अक्षय ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की थी.
पवन गुप्ता- पवन गुप्ता दिल्ली में फल बेचने का काम करता था. 16 दिसंबर को गैंगरेप के समय यह भी अपने दोस्तों के साथ उस बस में मौजूद था. पवन भी तिहाड़ जेल में बंद है. वह जेल में रहकर ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा है.
