कोंच।* सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पुरातन छात्र समागम का आयोजन किया गया जिसने पुराने दिनों की मधुर स्मृतियों, गुरुजनों के स्नेह और शिक्षा के संस्कारों को पुनः सजीव कर दिया।
पुरातन छात्रों ने अपने वक्तव्यों में विद्यालय के प्रति अपनी गहन श्रद्धा व्यक्त की तथा अपने अनुभव साझा किए। पुरातन छात्र विपिन निरंजन, संजीव गर्ग ने कहा कि यही वह भूमि है जहां जीवन के मूल्य और संस्कार अंकुरित हुए, तो किसी ने गुरुजनों के स्नेह को जीवन की दिशा देने वाला प्रकाश बताया। अनेक छात्र आज शासकीय सेवा, व्यवसाय, समाजसेवा एवं शिक्षण क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं, जो विद्यालय की गौरवमयी परंपरा का प्रतीक है। विद्यालय के प्रबंधक आनंद समरया, अध्यक्ष प्रो. वीरेन्द्र सिंह निरंजन, सरनाम सिंह गुर्जर, ओमदत्त गुप्ता, शंभू दयाल स्वर्णकार, रामकृष्ण निरंजन, पूर्व प्रधानाचार्य रतन सिंह, वर्तमान प्रधानाचार्य नारायण दत्त जोशी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। विद्यालय के अध्यक्ष प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह ने कहा, आज सरस्वती विद्या मंदिर के अनेक पूर्व छात्र शासकीय एवं अशासकीय क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर समाज में आदर्श प्रस्तुत कर रहे हैं। पुरातन छात्रों ने मल्यार्पण एवं अभिनंदन के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र द्विवेदी ने किया। इस दौरान विद्यालय के अध्यापकगण व शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
पुरातन छात्र समागम में विद्यालय परिवार ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया पुराने छात्रों को
