प्रदेश में शासन प्रशासन द्वारा मुस्लिम समाज पर हो रहे जुल्मों अत्याचार ,राईस खान

झांसी आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी के जिला अध्यक्ष रईस खान के नेतृत्व में सैकड़ो पार्टी के कार्यकर्ता ने जिलाधिकारी कार्यालय में एडीएम मोहदय को ज्ञापन सौंपा कर मा महामही राष्ट्रपति महोदिया से मांग की है
उत्तर प्रदेश में बीते 8 वर्षों से लगातार धर्म के नाम पर उन्माद फैलाकर इस्लाम को मानने वालों पर कभी गौवंश हत्या के नाम पर, कभी दाढ़ी-टोपी के नाम पर, कभी धार्मिक त्योहारों के नाम पर, कभी मंदिर-मस्जिद तो कभी मकबरा-मदरसा के नाम पर तो कभी लव जिहाद के नाम पर तथाकथित गौरक्षकों, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, हिंदू सेना, आर एस एस एवं तमाम अघोषित हिंदू संगठनों द्वारा समय-समय पर धार्मिक नफरत फैलाने के लिए कहीं मॉबलिंचिंग हो रही है तो कहीं प्रशासन द्वारा मासूम निर्दोष नाबालिकों, महिलाओं, बुजुर्गों पर जुल्म अत्याचार किया जा रहा है तो कहीं फर्जी FIR कराकर घरों से निर्दोषों को खींचकर जबरदस्ती
उन पर लाठियां से बेरहमी से प्रहार कर पुलिस थानों में ले जाकर शारीरिक प्रताड़ना किया जा रहा है ऐसा प्रतीत होता है कि न्याय का दूसरा नाम “लाठी और बुलडोजर”हो गया है, भारत जैसे लोकतांत्रिक संवैधानिक देश के लिए यह बहुत ही घातक है कि जहां न्यायपालिका का स्थान कार्यपालिका ने लेकर स्वयं को सर्वशक्तिमान बना लिया हो। पिछले 8 वर्षों से लगातार उत्तर प्रदेश में कोई ना कोई, कहीं ना कहीं धार्मिक हिंसात्मक घटनाएं होती चली आ रही है। जिसका ताजा उदाहरण 26.09.2025 दिन शुक्रवार को बरेली में देखने को मिला जहां शासन के निर्देशानुसार प्रशासन ने हिंसा को रोकने के नाम पर इस्लाम को मानने वाले लोगों पर बर्बरता पूर्वक कार्यवाही कर लाठियां चलाई जिसमें कई निर्दोष मासूम नाबालिकों, महिलाओं, बुजुर्गों को गंभीर चोटें आई साथ ही जबरन घरों से खींचकर लोगों को निकाला गया जिन्हें थानों पर ले जाकर शारीरिक प्रताड़ना दी गई।बरेली में हिंसक घटना के बाद 27.09.2025 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया बयान बहुत ही अमर्यादित, अशोभनीय, असंवैधानिक और निंदनीय था जोकि मुख्यमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को धूमिल करता है। ऐसे बयानों का हमारी पार्टी घोर भर्त्सना करती है तरफ जहां धर् फतेहपुर में भाजपा, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, हिंदू सेना, आर एस एस एवं तमाम अघोषित हिंदू संगठनों द्वारा जो सुनियोजित हिंसा पुलिस प्रशासन के संरक्षण में हुई, आगरा में करणी सेना ने वर्तमान सांसद के घर का घेराव किया खुलेआम तलवारें और शास्त्र लहराए, तमाम तथाकथित धार्मिक गुरुओं द्वारा खुलेआम मंचों से धर्म संसद के माध्यम से मुसलमानों को मारने-काटने, खत्म करने, देश से निकालनें, लोकतांत्रिक सरकारों को उखाड़ फेंकने जैसे नफरती बयानबाजी कर माहौल खराब कर रहे हैं, जिन पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। ऐसा साफ़ परिलक्षित होता है कि शासन प्रशासन ऐसे नफरती लोगों को संरक्षण देने का कार्य कर रहा है जिससे प्रदेश सरकार की मंशा और कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा होता है। ऐसी गैरकानूनी कार्यवाहियों से पूर्ण प्रतीत होता है कि उत्तर प्रदेश में लोकतांत्रिक संवैधानिक सरकार नहीं, धर्म विशेष की सरकार चल रही
कल्याणकारी राज्य से पुलिस राज्य की ओर ले जाने जैसे गंभीर मामलों को म‌द्देनज़र रखते हुए प्रदेश सरकार को संविधान सम्मत कल्याणकारी सरकार चलाने प्रदेश सरकार द्वारा निर्देशों का अनुपालन ना होने पर हमारी पार्टी उत्तर प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाए जाने कि पुरजोर मांग करती हैं ज्ञापन के दौरान संरक्षक बुंदेलखंड अध्यक्ष सैयद सादिक अली नदीम रजा अतहर अली अली अहमद कुरेशी टिंकू भाई रशीद बाबा खान मोहम्मद फुरकान मोहम्मद आबिद खेलर मोहम्मद शाहरुख मोहम्मद रियाज बबलू आजाद इरशाद खान सलमान रामजानी शाहबाज शरीफ खान मोहम्मद जैद सोहेल खान अरबाज खान सादिक बरकती वसीम गाजी लकी अली राजकुमार प्रदीप कुमार सिंह आदि सैकड़ो की संख्या में दो ज्ञापन में उपस्थित रहे

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