लखनउ 22 मार्चः समाजवादी पार्टी का कल लखनउ मे डिनर आयोजन बड़े ही भव्य तरीके से हुआ। इस डिनर मे सबसे आश्चर्य की बात यह रही कि जिस बुन्देलखण्ड के नेता अपने को पार्टी मे बड़ी पोजीशन मे मानते हैं, वो सामूहिक फोटोशूट तक मे नहीं पूछे गये?
बुन्देलखण्ड मे सपा क्षत्रप की बात चलती है, तो राज्यसभा सांसद चन्द्रपाल सिंह यादव, पूर्व विधायक गरौठा दीप नारायण सिंह यादव का नाम काफी मान लिया जाता है।
दोनो नेताओ के कद को पार्टी के लोग और कार्यकर्ता इस मुगालते के साथ लेते रहते कि वो ही सब कुछ हैं। हकीकत इससे परे होती जा रही है। दरअसल, सपा मुखिया अखिलेश सिंह यादव ने जब से पार्टी की बागडोर संभाली है, उसके बाद से पार्टी मे व्यापक बदलाव किया गया है।
अखिलेश इस बात को अच्छी तरह जानते है कि किस पदाधिकारी, नेता और व्यक्ति का कहां कैसे प्रयोग किया जाना है और उसका कद कितना होना चाहिये?
पारिवारिक लड़ाई के बाद नये रूप मे आयी सपा मे हर जिला स्तर पर दूसरी लाइन के नेताओ को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। झांसी जनपद मे भी देखे, तो एमएलसी चुनी गयी श्रीमती रमा आरपी निरंजन दूसरी लाइन की नेताओ मे शुमार थी। इसके अलावा युवा नेता राहुल सक्सेना भी। राहुल ने तो विधानसभा चुनाव मे टिकट लेकर सभी को चैंका दिया था। सूत्र बताते है कि राहुल सक्सेना ही नहीं उनके साथ की युवा टीम अखिलेश यादव को काफी पसंद आ रही है।
पार्टी के डिनर आयोजन मे भले की चंद लोगो को आमंत्रित किया गया हो, लेकिन बुन्देलखण्ड के नेताओ की धमक अब पार्टी के अंदर साफ दिखने लगी है? सूत्र बता रहे है कि जिन बुन्देली नेताओ को यह गुमान था कि वो धमकदार है, वो अपने को आयोजन के बाद खुद हाशिये पर समझने लगे हैं?
इससे पुराने नेताओ को यह संदेश दिया जा रहा कि जनाधार तैयार करो। चापलूसी और वाहवाही लूटने के दिन गये! बरहाल, आने वाले दिनो मे चुनाव होने वाले हैं। ऐसे मे बुन्देलखण्ड मे दूसरी लाइन के नेता यदि अपनी धमक बना पाते हैं, तो यह तस्वीर कार्यकर्ताओ को याद दिलायेगी कि पुराने नेता कितना कद बना पाए थे?
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