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मणिपुर में जो हुआ वह अक्षम्य है, दोषियों को सजा दिलाने के लिए भरपूर प्रयास हो रहे हैं- पीएम 

मणिपुर में जो हुआ वह अक्षम्य है, दोषियों को सजा दिलाने के लिए भरपूर प्रयास हो रहे हैं- पीएम 

मणिपुर पर चर्चा करने का विपक्ष का इरादा नहीं था, गृहमंत्री ने विस्तार से इस पर बताया था- पीएम

ये मोदी की गारंटी है की अपने तीसरे कार्यकाल में देश को दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बना देंगे- पीएम

वंदेमातरम गीत के भी इन लोगों ने टुकड़े किए, तुष्टीकरण की नीति से टुकड़े किए- पीएम

कुछ लोग भारत मां की मृत्यु की कामना कर रहे हैं, ये वो लोग हैं जिन्होंने देश के तीन टुकड़े किए- पीएम

सदन में भारत माता पर जो कहा गया, उससे देश आहात है- पीएम

देश मणिपुर के लोगों के साथ है, मणिपुर फिर विकास की राह पर आगे बढ़ेगा- पीएम

मैं विपक्ष के साथियों के प्रति संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं। कुछ ही दिन पहले बंगलुरू में आपने मिल-जुलकर करीब 1.5-2 दशक पुराने UPA का क्रिया कर्म किया है, उसका अंतिम संस्कार किया है। लोकतांत्रित व्यवहार की मुताबिक मुझे आप लोगों को सहानुभूति व्यक्त करनी चाहिए थी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

मैंने संवेदना व्यक्त नहीं की क्योंकि आप लोग जश्न मना रहे थे। जश्न क्यों मना रहे थे क्योंकि आप लोग खंडहर पर प्लास्टर लगा रहे थे। दशकों पुरानी खटारा गाड़ी को EV दिखाने के लिए कितना बड़ा मजबा लगाया था। आप (विपक्ष) जिसके पीछे चल रहे हैं उनको इस देश की ज़ुबान, इस देश के संस्कार की समझ नहीं है। पीड़ी दर पीड़ी यह लोग लाल और हरी मिर्च में अंतर नहीं समझ पाए: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

इनको (विपक्ष) भारत के सामर्थ्य पर विश्वास नहीं है। इनको भारत के लोगों पर विश्वास नहीं है। लेकिन इस सदन को बताना चाहता हूं कि इस देश का भी, भारत के लोगों का कांग्रेस के प्रति अविश्वास का भाव बहुत गहरा है। कांग्रेस अपने घमंड में इतनी चूर हो गई है कि उसे ज़मीन नहीं दिखाई दे रही है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

जब हम यह दावा करते हैं कि हम अपनी तीसरी अवधि में देश को विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनाएंगे तो एक ज़िम्मेदार विपक्ष का काम क्या होता? वह सवाल पूछता कि ‘निर्मला जी, मोदी जी आप यह कैसे करेंगे?’ यह भी मुझे सिखाना पड़ रहा है। यह लोग चुनाव में जनता के बीच कहते कि हम पहले नंबर पर लाएंगे। हमारे विपक्ष की यह त्रासदी है। यह लोग अनुभवहीनता की बातें करते हैं। यह कहते हैं कि यह सब वैसी ही होने वाला है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

इनको (विपक्ष) ज़िंदा रहने के लिए भी NDA का सहारा लेना पड़ा। लेकिन घमंड इतना कि NDA में भी दो ‘I’ पिरो दिए। पहला ‘I’ 26 दलों का गमन और दूसरा ‘I’ एक परिवार का गमन। खुद बचने के लिए NDA भी चुराया और इंडिया के भी टुकड़े किए (I.N.D.I.A में डॉट लगाकर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

मैं विपक्ष के साथियों के प्रति संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं। कुछ ही दिन पहले बंगलुरू में आपने मिल-जुलकर करीब 1.5-2 दशक पुराने UPA का क्रिया कर्म किया है, उसका अंतिम संस्कार किया है। लोकतांत्रित व्यवहार की मुताबिक मुझे आप लोगों को सहानुभूति व्यक्त करनी चाहिए थी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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