लखनउ 23 मार्चःपुलिस को सुधारने के लिये कोई भी सरकार कितनी कवायद कर ले बेकार है। ताजा मामला शाहजहांपुर का है। यहां पुलिस ने दस साल के बच्चे और उसके भाई को रिकार्ड मे गुंडा बना दिया। जानकारी सामने आने के बाद अधिकारी भी हैरान हैं।
मामला थाना मिर्जापुर के पडारा गांव की है जहां के रहने वाले जगतवीर यादव का गांव के ही लोगों से विवाद हो गया था। इसी विवाद के बाद थाना मिर्जापुर पुलिस ने बिना जांच किए कक्षा चार में पढ़ने वाले 10 साल के सीटू और कक्षा 9 में पढ़ने वाले 14 साल के वेदपाल पर 110 G यानी गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर दी। थाने का सिपाही जब दोनों बच्चों का समन लेकर घर पहुंचा तो परिवार के होश उड़ गए।
क्योंकि पुलिस ने परिवार के मासूम बच्चों को ही कागजों में गुंडा बना डाला और उन्हें इन बच्चों से शांति भंग का खतरा पैदा हो गया। बच्चों का पिता जब अपने बच्चों के साथ SDM के सामने जमानत के लिए पेश हुआ तो वहां अधिकारी भी हैरान रह गए। इसमें कोई दो राय नहीं कि यूपी पुलिस को शातिर गुंडों से नहीं बल्कि 10 साल और 14 साल के इन बच्चों से शांति भंग का कुछ ज्यादा ही खतरा है। फिलहाल पुलिस और पुलिस के अधिकारी अपने इस कारनामे को छिपाने में डटे हैं। ऐसे में पुलिस भले ही कागजों में अपनी गलती को सुधार ले लेकिन इस दौरान पुलिस को लेकर जो डर बच्चों के मन में पैदा हुआ है उसकी भरपाई कर पाना शायद मुश्किल होगा। क्योंकि पुलिस ने इन्हें इलाके का शातिर गुंडा घोषित किया है।
