अनूपपुर (मध्य प्रदेश राजेश शिवहरे) समाज को एक और कड़ी में जोड़ते हुए हमारे भामाशाह शिवचरण जी हाडा( पूर्व आयकर अधिकारी) ने राजस्थान अहलूवालिया समाज के अध्यक्ष पद का पद ग्रहण करते हुए राजस्थान हैहयवशी कलाल महासभा जयपुर में प्रथम साधारण सभा का आयोजन करते हुए समाज में सभी वर्गों को एक साथ आने का आवाह्न करते हुए उन्हें व उनकी संपूर्ण कार्यकारिणी का स्वागत किया गया। काफी तादाद में राजस्थान के अहलूवालिया समाज के पुरुष व महिलाएं एकत्रित होकर सबने बारी-बारी से अपना परिचय दिया गया
राजस्थान हैहय वंशी कलाल महासभा के आजीवन सदस्य राजेंद्र सिंह जी (पूर्व इनकम टैक्स कमिश्नर) ने हाडा साहब को साफा पहना कर व ओमप्रकाश जी दूरदर्शन ने माला पहना कर उनका संस्था की ओर से स्वागत किया गया। इसी कड़ी में उनकी पुत्रवधू ने जो संत श्री 1008 श्री हरिहर दासजी महाराज वृंदावन की पुत्री ने कृष्ण का वह संदेश के रूप में कविता प्रस्तुत की जिसमें उन्होंने दर्शाया की जब कृष्ण भगवान समझौते के लिए दुर्योधन के पास गए और कहा इन्हें सिर्फ पांच गांव दे दो उस पर दुर्योधन ने उन्हें बंदी बनाने का आदेश दिया इस पूरे प्रसंग को उन्होंने कविता के रूप में एक अद्भुत प्रसंग पेश कर एक प्रेरणादायक संदेश दिया कि समाज को हिल मिलकर रहने में ही फायदा है आपस में बढ़ जाने से कुछ भी हाथ नहीं लगेगा इसी के साथ श्रीहाडा साहब ने मीरा व कृष्ण के भजन प्रस्तुत कर इसी एकता के और प्यार का संदेश को प्रेषित किया, सभी कार्यकर्ताओं ने बारी-बारी से अपने-अपने समाज हित में उद्घोष किया राजस्थान हैहयवंशी कलाल महासभा श्री हाडा साहब को ते दिल से स्वागत करती है वह उनके समाज को एकता के रूप में करने के लिए उनको बधाई व स्वागत धन्यवाद।
उतमचन्द चौधरी, मंहा मंत्री,
राजस्थान हैहय वंशी कलाल महा सभा जयपुर।
समाज की एकता में ही ताकत है, शिवचरण हाडा बने राजस्थान अहलूवालिया समाज के अध्यक्ष, रिपोर्ट -राजेश शिवहरे
