सहभागिता आधारित संचार योजना क्रियान्वित कर शून्य खुराक वाले बच्चों को शत प्रतिशत आच्छादित किया जाए– सीएमओ

*शून्य खुराक वाले बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए अभिमुखीकरण कार्यशाला संपन्न*

*शून्य खुराक बच्चे और छूटे हुए समुदायों तक पहुंचना मुख्य उद्देश्य*

*सहभागिता आधारित संचार योजना क्रियान्वित कर शून्य खुराक वाले बच्चों को शत प्रतिशत आच्छादित किया जाए– सीएमओ*

*रिक्त उपकेंद्रों पर विशेष अभियान चलाकर किया जाए टीकाकरण– डॉ रविशंकर*

*झांसी दि० 11 सितंबर 2025*

भारत सरकार द्वारा टीकाकरण एजेंडा वर्ष 2030 तक शून्य खुराक वाले बच्चों की संख्या को 50% तक कम करने के लक्ष्य के साथ संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से *ग्लोबल अलायंस फॉर वैक्सीन्स एंड इम्यूनाइजेशन* गावी से समन्वय किया जा रहा है। यह एक सार्वजनिक-निजी वैश्विक स्वास्थ्य साझेदारी है, जिसका लक्ष्य टीकाकरण की पहुंच बढ़ाना है। इसी के तहत जनपद में सीएमओ कार्यालय सभागार में शून्य खुराक बच्चों और छोटे समुदायों तक पहुंच बनाने के उद्देश्य से अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी डॉ सुधाकर पांडेय की अध्यक्षता में किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि जनपद में पार्टनर एजेंसी के सहयोग से शून्य खुराक वाले ऐसे बच्चे जिन्होंने एक वर्ष की आयु तक पेंटावेलेंट की पहली खुराक प्राप्त नहीं की है एवं छूटे हुए समुदाय जहां शून्य खुराक और आंशिक रूप से टीकाकृत बच्चे हैं, उनका शत प्रतिशत टीकाकरण करने का कार्य किया जा रहा है। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत आशा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं एएनएम द्वारा ऐसे बच्चों की सूची तैयार कर ड्यू लिस्ट के माध्यम से टीकाकरण सत्रस्थल पर बुलाकर टीकाकरण किया जा रहा है। वैक्सीन अवॉइडेंस बिहेवियर वाले परिवारों को चिन्हित करते हुए ब्लॉक रिस्पांस टीम के माध्यम से अभिभावकों से संपर्क कर व उनकी भ्रांतियां को दूर कर और शंकाओं का समाधान कर बच्चों का टीकाकरण कराने हेतु प्रेरित किया जा रहा है।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ रविशंकर ने बताया कि छूटे हुए समुदायों तक पहुंच बनाने हेतु स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के कौशल को बढ़ाकर सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया गया है एवं पर्यवेक्षण प्रणाली को मजबूत किया गया है। जनपद में नियमित टीकाकरण के सभी लाभार्थियों को यूविन पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से जोड़ा गया है एवं डाटा विश्लेषण व डाटा गुणवत्ता के उपयोग को मजबूत किया गया है। सभी स्तरों पर सहभागी और डाटा आधारित समीक्षा तंत्र स्थापित है।
गावी कार्यक्रम के अंतर्गत सीएसओ कोऑर्डिनेटर रामकिशोर पाल ने बताया कि जनपद में शून्य खुराक लाभार्थियों के आच्छादन हेतु विकासखंड बंगरा, बबीना, बड़ागांव, चिरगांव एवं बामौर में 50 आशाओं के क्षेत्र को चिन्हित किया गया है, जिसमें 143 कर्मियों का प्रशिक्षण कराया गया। अभी तक 270 बच्चों को चिन्हित करते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण कराया गया है।

डॉ विजयश्री शुक्ला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी झांसी ने सहभागिता आधारित संचार योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा करते हुए बताया कि नियमित टीकाकरण के महत्व एवं लाभ के बारे में समुदाय को सूचित किया जाना चाहिए। साथ ही टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों, डर एवं प्रतिरोध को संबोधित करना चाहिए, जिससे माता-पिता अपने बच्चों को समय पर टीका लगवाने के लिए प्रेरित हो सकें। टीकाकरण पर विश्वास बढ़ाने के लिए प्रमाण आधारित संदेशों का प्रचार किया जाना चाहिए। विभिन्न एजेंसियों, सरकारी विभागों, समुदाय के नेताओं व अन्य साझेदारों के बीच प्रभावी समन्वय करते हुए ब्लॉक रिस्पांस टीम टीकाकरण से मना करने वाले अभिभावकों को प्रेरित कर सकती है।

यूएनडीपी से श्री गौरव वर्मा वीसीसीएम ने यूविन पोर्टल पर जनपद की टीकाकरण प्रगति को प्रस्तुत किया। डब्ल्यूएचओ से डॉ जूही सूलिया ने टीकाकरण माइक्रोप्लान पर चर्चा की। श्री दीपक दुबे ने टीकाकरण टूलकिट का उपयोग करते हुए टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा प्रस्तुत की।

इस कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ के एन एम त्रिपाठी, डॉ एन के जैन, डीआईओ डॉ रविशंकर, डीएसओ डॉ रमाकांत स्वर्णकार, डिप्टी डीआईओ डॉ अंशुमान तिवारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ विजयश्री शुक्ला, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ अनुराधा राजपूत, यूनिसेफ से श्री आदित्य जायसवाल, डब्ल्यूएचओ से डॉ जूही सूलिया, सीएसओ श्री राम किशोर पाल, वीसीसीएम श्री गौरव वर्मा, श्री दीपक दुबे, समस्त चिकित्सा अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, ब्लॉक से सभी स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, एआरओ, बीसीपीएम आदि उपस्थित रहे।

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