▪️ _*तहसील के बदऊंआ गांव के रुद्राक्ष ने ड्रोन उड़ान में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रचा*_
▪️ _*इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2025 में दर्ज हुआ नाम, कोंच में जनप्रतिनिधियों ने सम्मानित किया*_
कोंच।* तहसील क्षेत्र के ग्राम बदऊंआ के रहने वाले 12वीं कक्षा के प्रतिभाशाली छात्र रुद्राक्ष निरंजन ने ड्रोन उड़ान के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2025 में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज कराया है। उसकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। गुरुवार को होटल आशीर्वाद में आयोजित एक सादे समारोह में इलाकाई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने रुद्राक्ष को सम्मानित किया है।
रुद्राक्ष को सम्मानित करते हुए क्षेत्रीय विधायक मूलचंद्र निरंजन ने कहा, युवाओं के लिए दि बेस्ट आइकन है 12वीं का छात्र रुद्राक्ष। आज वह गर्व के साथ एक ऐसे युवा का सम्मान कर रहे हैं, जिसने अपने परिश्रम और नवाचार से भारत का नाम ऊंचा किया है। रुद्राक्ष जैसी प्रतिभाएं नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। एमएलसी प्रतिनिधि आरपी निरंजन ने कहा, रुद्राक्ष की यह उपलब्धि इस बात का जीवंत उदाहरण है कि मेहनत, समर्पण और नवाचार किसी व्यक्ति को सफलता के उच्च शिखर पर पहुंचा सकता है। इस दौरान सुरेश निरंजन भैयाजी, शिवप्रसाद निरंजन, विजय सिंह निरंजन, बलराम लंबरदार, कढोरेलाल यादव, लाल प्रताप सिंह, मिस्टर धनौरा, शादाब, डॉ. टीआर निरंजन, रामप्रताप पटेल, प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह, सरयू मास्साब वीरपुरा, लल्लू सिंह, डॉ. जगदीश शरण शर्मा भेंड़, अशोक कुमार निरंजन, शैलेंद्र सिंह, डॉ. रामकिशोर, डॉ. राघवेंद्र, रामदास निरंजन, शगुन दुलैया आदि मौजूद रहे। बता दें कि कानपुर नगर निगम में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के पद पर कार्यरत डॉ. आरके निरंजन के होनहार बेटे रुद्राक्ष पद्मपत सिंहानिया एजुकेशन सेंटर, कानपुर के कक्षा 12 के छात्र हैं। उसने स्वयं द्वारा निर्मित ड्रोन को 7.266 किलोमीटर की दूरी तक उड़ाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। इस ऐतिहासिक उड़ान के साथ रुद्राक्ष ने न केवल अपने विद्यालय, बल्कि पूरे जालौन जनपद, बुंदेलखंड और देश का नाम रोशन किया है। रुद्राक्ष की इस सफलता पर विद्यालय और परिवार में खुशी का माहौल है। कई संस्थाओं और प्रशासन ने उसे सम्मान पत्र और ट्रॉफी देकर पुरस्कृत किया है।
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*45 दिनों की कड़ी मेहनत से तैयार हुआ हाई-स्पीड ड्रोन*
_*कोंच।* रुद्राक्ष ने बताया कि उसने यह ड्रोन लगभग 45 दिनों की मेहनत से तैयार किया। इस ड्रोन की अधिकतम गति 105 किलोमीटर प्रति घंटा है, कुल उड़ान अवधि 18.6 मिनट, वजन: 2.9 किलोग्राम, चौड़ाई: 2.45 मीटर तथा ऊंचाई: 1.05 मीटर है। यह ड्रोन औसतन 1.6 किलोमीटर प्रति मिनट की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम है। इसमें कैमरा और एडवांस्ड सेंसर लगाए गए हैं, जो निगरानी, दुर्गम इलाकों की फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए उपयोगी हैं। रुद्राक्ष ने बताया, यह ड्रोन रिमोट कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से 2 किलोमीटर तक की दूरी पर संचालित किया जा सकता है। अब वह ड्रोन टेक्नोलॉजी और एरियल इनोवेशन के क्षेत्र में आगे शोध करने की इच्छा रखता है।_
