*ग्वालियर स्टेशन पर संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित, आपदा प्रबंधन की तैयारियों का किया गया परीक्षण*
उत्तर मध्य रेलवे झांसी मंडल द्वारा रेल संरक्षा एवं आपदा प्रबंधन तैयारियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज दिनांक 22 मई 2026 को ग्वालियर स्टेशन पर एनडीआरएफ टीम एवं विभिन्न एजेंसियों के साथ संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य दुर्घटना जैसी आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों की दक्षता का परीक्षण करना तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना रहा।
मॉक ड्रिल से पूर्व दिनांक 21 मई 2026 को ग्वालियर स्टेशन पर टेबल टॉप मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें एसडीएम ग्वालियर सिटी श्री प्रदीप शर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक, इन्दरगंज, अवर मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्री हिमांशु शर्मा, एसडीआरएफ प्रतिनिधि श्री धर्मेन्द्र वर्मा, उप मुख्य संरक्षा अधिकारी श्री ओ पी सिंह, एडीआरएम /ओपी/झाँसी श्री नन्दीश शुक्ला, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री गिरीश कंचन के अलावा रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारीयों ने भाग लिया। बैठक में संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों की रणनीति, विभागीय समन्वय तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर चर्चा की गई।
मॉक ड्रिल के दौरान ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 01103 डाउन स्पेशल (काल्पनिक) के एक कोच के पटरी से उतरने तथा उसमें धुआँ भरने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। परिकल्पित घटना में लगभग 60 यात्रियों के प्रभावित होने का अनुमान लगाया गया, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु, पांच गंभीर रूप से घायल तथा तीन सामान्य रूप से घायल होने की स्थिति दर्शाई गई। इस दौरान राहत एवं बचाव दलों द्वारा यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का सफल अभ्यास किया गया।
इस संयुक्त मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ कमांडेंट श्री कुनाल तिवारी के नेतृत्व में टीम के 32 सदस्यों ने भाग लिया।इसके साथ ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों में सीएमपीई/डीजल/मुख्यालय, डिप्टी सीएसओ/मैकेनिकल/मुख्यालय, एडीआरएम/ओपी/झाँसी, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी/झाँसी, सीनियर डीएमई/ओएंडएफ/झाँसी, सीनियर डीएसटीई/को/झाँसी, टीआरडी/कोचिंग, डिप्टी सीई/ग्वालियर और एडीईएन/ग्वालियर सहित कई अधिकारी एवं सुपरवाइजर उपस्थित रहे। रेलवे के विभिन्न विभागों, फायर ब्रिगेड, स्काउट एवं गाइड, सिविल पुलिस, चिकित्सा विभाग, जीआरपी, आरपीएफ सहित विभिन्न एजेंसियों के लगभग 150 प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
अंत में वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी द्वारा मॉक ड्रिल के सफल आयोजन की घोषणा की गई तथा सभी विभागों के समन्वित प्रयासों की सराहना की गई।
