कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान से संबंधित प्रेस विज्ञप्ति
*–:: प्रेस विज्ञप्ति ::–*
*प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक में 1573 गर्भवती महिलाओं ने कराई जांच*
*सभी सामुदायिक और नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों सहित जिला महिला अस्पताल में हुई गुणवत्तापूर्ण जांच – डॉ शिशिर पुरी*
*चिन्हित की गई उच्च जोखिम की गर्भवती महिलाओं का कराया जाएगा सुरक्षित प्रसव- डॉ एन के जैन*
*प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को आयोजित होता है पीएमएसएमए*
*झांसी दिनांक 9 जून 2026*
स्वास्थ्य विभाग झांसी द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण होने पर आज सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, जिला महिला चिकित्सालय, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज सहित चिकित्सा इकाइयों में *प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक* का संचालन किया गया। इस क्लीनिक में गर्भवती महिलाओं द्वारा बढ़-चढ़कर भाग लिया गया एवं अपने स्वास्थ्य की जांच कराई गई, यह जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी डॉ शिशिर पुरी ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा वर्ष 2016 में पीएमएसएमए अभियान की शुरुआत की गई थी। सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में व्यापक प्रसव पूर्व जांच के उद्देश्य से यह अभियान शुरू किया गया था। जनपद की सभी चिकित्सा इकाइयों में 1573 गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधा प्रदान की गई। चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं की ब्लड प्रेशर की जांच, खून की जांच, पेशाब की जांच, वजन, एचआईवी टेस्ट, सिफलिस टेस्ट, हेपेटाइटिस की जांच, ब्लड शुगर की जांच, गर्भकालीन मधुमेह की जांच की तथा गर्भवती महिलाओं में से उच्च जोखिम की गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन किया।
नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एन के जैन ने बताया कि आज के अभियान में चिह्नित की गई उच्च जोखिम की गर्भावस्था वाली महिलाओं का सुरक्षित प्रसव होने तक सघन निगरानी की जाएगी एवं उनका सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों से मातृ मृत्यु दर में कमी आएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को इसी प्रकार प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान क्लीनिक का संचालन किया जाता है, जिसमें गर्भवती महिलाओं की चिकित्सकों द्वारा जांच की जाती है।
