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जपयो जिन अरजन देव गुरु फिर संकट जोन गर्भ ना आयो शबद के साथ 40 दिवसीय सुखमनी पाठ की समाप्ति हुई*

*जपयो जिन अरजन देव गुरु फिर संकट जोन गर्भ ना आयो शबद के साथ 40 दिवसीय सुखमनी पाठ की समाप्ति हुई*

झांसी। पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत भवन, रानी महल (सिंधी गुरुद्वारा) में शुक्रवार को गुरु अर्जुन देव जी की शहादत को समर्पित 40 दिवसीय सुखमनी साहिब पाठ का भव्य समापन समारोह श्रद्धा और भक्ति भाव से सम्पन्न हुआ। इस आध्यात्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

10 मई से 18 जून तक प्रतिदिन आयोजित किए गए इस पाठ में वीर अजीत सिंह (सोनू वीर जी) द्वारा सुखमनी साहिब, चौपई साहिब और आनंद साहिब का पाठ किया गया। हर दिन श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सजे हुए दीवान में सामूहिक पाठ और शबद कीर्तन हुआ। इस दौरान गुरुद्वारे को फूलों, रोशनी और सजावट से विशेष रूप से सजाया गया।

समापन अवसर पर “अति प्रीतम मन मोहिना” और “घट साहिबा” जैसे भावपूर्ण शबद कीर्तन ने संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया। भाई अजीत सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना और सिख इतिहास पर प्रकाश डालते हुए संगत को आध्यात्मिक प्रेरणा प्रदान की।

झूलेलाल सिंधी महिला शक्ति संगठन की बबीता हासानी ने बताया कि इस पाठ के माध्यम से गुरु अर्जुन देव जी के बलिदान को याद कर संगत ने उनकी शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। हर्षा कोडवानी ने कहा कि यह आयोजन सामुदायिक एकता और प्रेरणा का स्रोत बना है।

सेंट्रल सिंधी पंचायत के अध्यक्ष हरीश हासानी ने इसे श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक बताया और घोषणा की कि शीघ्र ही भव्य झूलेलाल मंदिर का निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा।

दिनेश कोडवानी ने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी ने हमेशा ईश्वर की रज़ा में राजी रहने और विनम्रता का संदेश दिया, जो आज के समय में विशेष प्रासंगिक है।

समापन समारोह में सुख-शांति के लिए विशेष अरदास की गई और संगत के लिए भव्य लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि विभिन्न समुदायों को जोड़ने वाला एक सशक्त मंच भी सिद्ध हुआ।

इस अवसर पर राम आहूजा, आकाश खियानी, महेश पवानी, सुरेश ठारवानी, जयकिशन फव्यानी, हर्षा माखीजा, मधु आहूजा, बबीता हासानी, सुमन दलवानी सहित सैकड़ों महिलाएं और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

दिनेश कोडवानी मीडिया प्रभारी सिन्धी समाज झांसी

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