Headlines

गांधी मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने न्यूट्रिशन प्रैक्टिकल में बिखेरा प्रतिभा का रंग

गांधी मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने न्यूट्रिशन प्रैक्टिकल में बिखेरा प्रतिभा का रंग, स्वस्थ एवं निरोग जीवन के दिए प्रभावशाली संदेश

झाँसी। गांधी मेडिकल कॉलेज, अंबाबाय, झाँसी के नर्सिंग विभाग द्वारा आयोजित बी.एससी. नर्सिंग द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों का न्यूट्रिशन प्रैक्टिकल अत्यंत भव्य, ज्ञानवर्धक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि आज के भावी नर्सिंग प्रोफेशनल केवल उपचार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वस्थ समाज के निर्माण में पोषण संबंधी जागरूकता फैलाने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं।
न्यूट्रिशन प्रैक्टिकल के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न रोग अवस्थाओं, आयु वर्गों एवं विशेष परिस्थितियों के अनुरूप संतुलित एवं पौष्टिक आहार का आकर्षक प्रदर्शन किया। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, एनीमिया, कुपोषण, गर्भवती महिलाओं, बच्चों, वृद्धजनों तथा सामान्य व्यक्तियों के लिए उपयुक्त पौष्टिक व्यंजनों को वैज्ञानिक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों ने उपस्थित अतिथियों को प्रभावित किया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए डाइट चार्ट, न्यूट्रिशन मॉडल एवं स्वास्थ्यवर्धक व्यंजनों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. एस. के. साहू ने कहा कि वर्तमान समय में अनेक बीमारियों का प्रमुख कारण असंतुलित खान-पान एवं बदलती जीवनशैली है। यदि व्यक्ति उचित पोषण, संतुलित आहार एवं नियमित दिनचर्या अपनाए तो अनेक रोगों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक रूप से दक्ष बनाकर समाज सेवा के लिए तैयार करना भी है।
संस्थान की चेयरमैन ईर. डॉ. जयश्री साहू ने छात्र-छात्राओं के नवाचार, रचनात्मकता एवं समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि गांधी मेडिकल कॉलेज सदैव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन एवं मानवीय मूल्यों के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं जनस्वास्थ्य के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करती हैं।
कॉलेज की प्राचार्या एवं नर्सिंग विभागाध्यक्ष डॉ. लवली शाक्य ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी उद्बोधन में प्रोटीन, विटामिन, खनिज लवण एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि संतुलित आहार ही स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पोषण संबंधी जागरूकता पहुँचाकर कुपोषण मुक्त एवं स्वस्थ भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।
प्रशासनिक अधिकारी श्री संतोष सिंह ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में फास्ट फूड एवं अनियमित खान-पान से दूर रहकर उचित मात्रा में पौष्टिक एवं संतुलित भोजन ग्रहण करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी से अपने दैनिक जीवन में पोषण संबंधी आदतों को अपनाने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. पहलवान सिंह ने कहा कि भोजन केवल पेट भरने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन का सबसे प्रभावी उपचार है। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए इसे स्वास्थ्य शिक्षा की दिशा में सराहनीय पहल बताया।
इस अवसर पर एग्रीकल्चर शिक्षाशास्त्र महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पहलवान सिंह, कॉलेज की प्राचार्या डॉ. लवली शाक्य, डिग्री कॉलेज के प्राचार्य, आईटीआई समन्वयक ईर. पितरवारी, पॉलिटेक्निक समन्वयक ईर. देव कुमार, शिक्षाशास्त्र महाविद्यालय की विभागाध्यक्ष डॉ. दीपिका पंचाल, स्कूल प्राचार्या डॉ. निर्मला श्रीवास्तव, श्री जगमोहन, श्री सत्येन्द्र कुमार, श्री प्रमोद कुमार, विनीता, रजनी, आकाश, श्रीमती मोहिनी सहित विभिन्न संकायों के प्राध्यापक, शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
नर्सिंग संकाय की ओर से श्वेता वाल्टर, शिवानी, मानशी, तरुणा, विशाखा एवं श्री देवेश ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए स्वास्थ्यवर्धक व्यंजनों का अवलोकन कर उनकी प्रस्तुति, वैज्ञानिक समझ एवं व्यावहारिक दक्षता की मुक्त कंठ से सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि “स्वस्थ भोजन ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है।” छात्र-छात्राओं ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के माध्यम से यह सिद्ध किया कि सही पोषण अपनाकर व्यक्ति न केवल स्वयं को निरोग रख सकता है, बल्कि एक स्वस्थ, जागरूक एवं सशक्त समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उत्साह, ज्ञान और सेवा भावना से ओत-प्रोत यह न्यूट्रिशन प्रैक्टिकल गांधी मेडिकल कॉलेज की शैक्षणिक उत्कृष्टता का एक और प्रेरणादायी उदाहरण बन गया।
अंत में कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *