*चकरभाठा से पधारे संत साईं लाल दास साहेब जी का भव्य स्वागत, कलश यात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब*
झांसी। 28वें पावन 40 दिवसीय भगवान श्री झूलेलाल चालीहा व्रत महोत्सव के अंतर्गत पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत भवन में चकरभाठा से पधारे पूज्य संत साईं लाल दास साहेब जी का श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भव्य स्वागत किया गया। संतश्री के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। उनके स्वागत में भव्य स्वागत कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों ने सहभागिता की।
श्रद्धालुओं ने हाथों में कलश लेकर संत साईं लाल दास साहेब जी का श्रद्धापूर्वक स्वागत किया। कलश यात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर संतश्री का अभिनंदन किया गया। भगवान श्री झूलेलाल के जयकारों एवं भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। यात्रा का विशेष आकर्षण छोटे-छोटे बच्चों द्वारा किया गया स्वागत रहा। बच्चों ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ संत साईं लाल दास साहेब जी का स्वागत कर सभी का मन मोह लिया।
संतश्री के पंचायत भवन पहुंचने पर पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत एवं समाज के पदाधिकारियों ने पुष्पमालाओं से उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा आशीर्वाद प्राप्त किया।
चालीहा महोत्सव के इस विशेष अवसर पर सैकड़ों की संख्या में महिलाओं एवं पुरुषों ने श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ बहराणा साहब स्थापित किए। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री झूलेलाल जी के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए सामूहिक रूप से प्रसाद अर्पित किया। बहराणा साहब की स्थापना और सामूहिक प्रसाद अर्पण के दौरान पूरा परिसर भगवान झूलेलाल के जयकारों से गूंज उठा।
इसके पश्चात संत साईं लाल दास साहेब जी ने श्रद्धालुओं को अमर कथा का श्रवण कराया। आज की कथा में उन्होंने भगवान श्री झूलेलाल जी के प्राकट्य एवं उनकी बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। संतश्री द्वारा भगवान झूलेलाल जी के प्राकट्य की कथा सुनाते ही श्रद्धालु भक्ति और श्रद्धा में डूब गए।
संत साईं लाल दास साहेब जी ने भगवान झूलेलाल जी की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए उनके जीवन से जुड़े आध्यात्मिक प्रसंगों को श्रद्धालुओं के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भगवान झूलेलाल जी का जीवन सत्य, धर्म, प्रेम, सेवा, भाईचारे और मानवता का संदेश देता है। प्रत्येक व्यक्ति को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में प्रेम और सद्भाव को मजबूत करना चाहिए।
अमर कथा के दौरान भगवान श्री झूलेलाल जी का जन्मोत्सव भी बड़े ही हर्षोल्लास एवं श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। भगवान के बाल स्वरूप को सुंदर ढंग से सजाए गए पालने में विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से पालना झुलाकर भगवान श्री झूलेलाल जी का जन्मोत्सव मनाया। इस दौरान भक्ति गीतों, जयकारों एवं मंगलगान से पूरा वातावरण झूलेलालमय हो गया।
महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों में भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन एवं पालना झुलाने को लेकर विशेष उत्साह रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री झूलेलाल जी से परिवार, समाज एवं समस्त मानवता के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत के अध्यक्ष हरीश हासानी ने कहा कि भगवान श्री झूलेलाल चालीहा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आराध्य भगवान श्री झूलेलाल जी के संदेशों से जोड़ने का माध्यम है। संत साईं लाल दास साहेब जी का आगमन एवं उनके मुखारविंद से अमर कथा का श्रवण समाज के लिए सौभाग्य की बात है।
आकाश खियानी ने कहा कि चालीहा महोत्सव के माध्यम से हमारी आने वाली पीढ़ी को सिंधी समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कलश यात्रा में छोटे-छोटे बच्चों की सहभागिता यह दर्शाती है कि हमारी संस्कृति और भगवान झूलेलाल जी के प्रति नई पीढ़ी में भी गहरी आस्था है।
दिनेश कोडवानी ने कहा कि चालीहा महोत्सव के प्रत्येक आयोजन में समाज के लोगों का बढ़-चढ़कर सहयोग मिल रहा है। संत साईं लाल दास साहेब जी के स्वागत के लिए निकली कलश यात्रा, सैकड़ों बहराणा साहब की स्थापना तथा भगवान झूलेलाल जी के जन्मोत्सव में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में सहभागिता ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं आयोजन में सहयोग करने वाले समाजजनों का आभार व्यक्त किया।
धार्मिक आयोजन के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रेम एवं श्रद्धाभाव के साथ भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर हरीश हासानी, आकाश खियानी, दिनेश कोडवानी, जयकिशन फबयानी, अजय कुकरेजा, सुनील नैनवानी, टोनी गोदवानी, खीयल दास पंजवानी, त्रिलोक लालवानी, लक्ष्मण दास रमानी, सुरेश चंगानी, सोनू पारवानी, कमल हिरवानी, बबीता हासानी, हर्षा कोडवानी, नीतिका पवानी, जमुना देवी, हिना कुकरेजा सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चे उपस्थित रहे।
