वर्षा भी नहीं रोक सकी श्रद्धालुओं की आस्था, हजारों भक्तों ने किया भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक

वर्षा भी नहीं रोक सकी श्रद्धालुओं की आस्था, हजारों भक्तों ने किया भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक

ISKCON झाँसी में दूसरे भव्य जन्माष्टमी महोत्सव का सफल आयोजन — पंचामृत, फलों के रस और सुगंधित द्रव्यों से हुआ मेगा अभिषेक

झाँसी, 4 सितंबर।
ISKCON झाँसी द्वारा आयोजित दूसरे भव्य श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन 4 सितंबर को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। वर्षा के बावजूद भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। महोत्सव का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण का मेगा महाभिषेक रहा, जिसमें चारों विग्रहों का विधिवत अभिषेक किया गया और बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने स्वयं भगवान के अभिषेक में सहभागिता की।

ISKCON की जन्माष्टमी अपनी विशिष्ट एवं आध्यात्मिक परंपराओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। झाँसी में आयोजित जन्मोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक पंचामृत, विभिन्न फलों के रस, सुगंधित द्रव्यों एवं चूर्ण, गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, पवित्र जल तथा पुष्पों से किया गया। अभिषेक के दौरान भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरा परिसर हरिनाम संकीर्तन एवं कृष्ण भक्ति के वातावरण से गूंज उठा।

महाभिषेक के पश्चात भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग अर्पित किए गए। इसके बाद भव्य महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने एक साथ दीप प्रज्वलित कर भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के अवसर पर विशेष आरती एवं संकीर्तन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

जन्माष्टमी केवल उत्सव नहीं, सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम

ISKCON झाँसी के प्रतिनिधियों ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और सकारात्मक जीवनशैली से जुड़ने का अवसर है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं भगवद्गीता के संदेश से व्यक्ति को अपने मन, व्यवहार और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा मिलती है। यही कारण है कि आज जन्माष्टमी का आयोजन केवल मंदिरों तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, अस्पतालों, आवासीय सोसाइटियों और विभिन्न सामाजिक संस्थानों में भी किया जा रहा है। विश्वभर के ISKCON मंदिरों में भी यह पर्व बड़े उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया जाता है।

विशिष्ट अतिथियों ने बढ़ाई महोत्सव की गरिमा

इस अवसर पर झाँसी-ललितपुर के सांसद श्री अनुराग शर्मा जी, NLC श्री आर.पी. निरंजन जी, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ नेता श्री प्रदीप जैन आदित्य जी, जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी जी सहित झाँसी के अनेक प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर महोत्सव में सहभागिता की तथा आयोजन की भव्यता और व्यवस्थाओं की सराहना की।

ISKCON झाँसी ने सभी विशिष्ट अतिथियों, प्रशासन, पुलिस विभाग, सहयोगी संस्थाओं तथा झाँसीवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके उत्साहपूर्ण सहयोग एवं सहभागिता से इस वर्ष के जन्माष्टमी महोत्सव के प्रति जनविश्वास और आस्था और अधिक मजबूत हुई है।

500 से अधिक सेवाभावियों ने संभाली व्यवस्थाएँ

इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में 500 से अधिक भक्तों एवं स्वयंसेवकों ने विभिन्न सेवाओं की जिम्मेदारी संभाली। किसी ने पार्किंग, सुरक्षा, स्वच्छता एवं व्यवस्था में सेवा दी तो किसी ने प्रसाद वितरण, अतिथि सत्कार, अभिषेक व्यवस्था, प्रचार-प्रसार और स्टॉल संचालन की जिम्मेदारी निभाई। विशेष रूप से स्टॉल क्षेत्र में विद्यार्थियों सहित सभी वर्गों के लिए विभिन्न आकर्षण उपलब्ध कराए गए, जिससे जन्माष्टमी महोत्सव को आध्यात्मिकता के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का स्वरूप भी मिला।

कृष्ण के प्रिय माखन-मिश्री से हुआ प्रसाद वितरण

महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भगवान श्रीकृष्ण के प्रिय माखन-मिश्री का विशेष प्रसाद वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त भगवान का अभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं तथा मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण की विशेष आरती में सम्मिलित होने वाले भक्तों के लिए फलाहारी प्रसाद की भी व्यवस्था की गई।

वर्षा के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना और बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित महोत्सव में पहुंचे। भक्तों की यह सहभागिता इस बात का प्रमाण रही कि आस्था के आगे मौसम की बाधा भी छोटी पड़ जाती है।

ISKCON झाँसी का यह आयोजन लगातार दूसरे वर्ष भव्य एवं सफल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के रूप में संपन्न हुआ। आयोजकों ने कहा कि यह सफलता केवल एक आयोजन की सफलता नहीं, बल्कि झाँसी में श्रीकृष्ण भक्ति, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की उस परंपरा के निरंतर आगे बढ़ने का संकेत है, जिसे आने वाले वर्षों में और व्यापक रूप दिया जाएगा।आयोजन समिति में वरिष्ठ सदस्य सुरेंद्र राय, पीयूष रावत ,महेश सर्राफ, राजीव अग्रवाल, अशोक सेठ, अजय अग्रवाल, अन्योर दास, रमेश राय, मनीष नीखरा एवं आई.के पांडे, ललित मोहन दास, रचित अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल, अभय जैन, करमवीर, दीपक सोनी, प्रफुल्ल सिंघल, परम आश्रय दास, जितेन्द्र राठौर, सौरभ अग्रवाल, उमेश लिटोरिया, वैभव अग्रवाल, अंकित राय, अंकुश त्रिपाठी, निमेष खन्ना, नीरज अग्रवाल, रूपक कनोडिया, मनीष यादव एवं भरत यादव शामिल हैं!
ब्रज भूमि दास, व्रज जन रंजन दास, प्रिय गोविन्द दास, श्याम विलास दास, महेश्वर चन्द्र दास, दामोदर बंधु दास एवं भक्त विपिन ने सभी बुंदेलखंड वासियों से परिवार सहित महोत्सव में पधारने का आह्वान किया। इस अवसर पर पियूष रावत जी ने सभी पत्रकारों का आभार व्यक्त किया।

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