कृष्ण जन्माष्टमी पर भक्ति में सराबोर हुआ झाँसी, मुख्य अतिथि रहे डॉ. संदीप सरावगी
झाँसी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शहर में विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों सहित विभिन्न स्थानों पर भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं भंडारे का आयोजन हुआ। इन कार्यक्रमों में संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक डॉ. संदीप सरावगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
*मेकअप मंत्रा में हुआ भव्य आयोजन*
कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मेकअप मंत्रा में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मेकअप मंत्रा के संचालक हेमंत कुशवाहा ने डॉ. संदीप सरावगी का स्वागत किया। इसके पश्चात भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव से जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न हुए। उपस्थित लोगों ने भक्ति भाव के साथ भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया।
*सदर बाजार के बिहारी जी मंदिर में पूजा-अर्चना*
वहीं सदर बाजार स्थित बिहारी जी मंदिर में भी जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष आयोजन हुआ। डॉ. संदीप सरावगी ने मंदिर पहुंचकर भगवान बिहारी जी के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। यह आयोजन पंडित मोहित मिश्रा के सानिध्य में संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
*इस्कॉन मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा एवं जन्माष्टमी महोत्सव*
इस्कॉन झांसी मंदिर में 29 अगस्त से 2 सितंबर तक श्रीमद्भागवत कथामृत का आयोजन किया गया, जिसमें प्रातःकाल भागवत कथा तथा शाम को कीर्तन, कथा एवं आरती का आयोजन हुआ। इसके बाद 4 सितंबर को श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के तहत कीर्तन, अभिषेक, 56 भोग एवं महाआरती का भव्य आयोजन किया गया। डॉ. संदीप सरावगी ने कार्यक्रम में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और आयोजकों एवं श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
*श्री हनुमान जी महाराज मंदिर में विशाल भंडारा*
अंदर बड़ागांव गेट स्थित श्री श्री 1008 श्री हनुमान जी महाराज मंदिर में भी जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में भव्य आयोजन किया गया। यहां 4 सितंबर को भजन संध्या तथा भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आयोजन हुआ, जबकि 5 सितंबर को कन्या भोज एवं विशाल भंडारे का कार्यक्रम रखा गया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
*धर्म और संस्कृति समाज को जोड़ने का माध्यम : डॉ. संदीप सरावगी*
इस अवसर पर डॉ. संदीप सरावगी ने कहा, भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म के साथ-साथ कर्म, सत्य, प्रेम और मानवता का संदेश देता है। जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेने का अवसर है। ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हमारी सनातन परंपराओं को जीवंत रखने के साथ समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और एकता को भी मजबूत करते हैं।
उन्होंने सभी आयोजकों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि झांसी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
