हिन्दी दिवस पर देवभूमी उत्तराखंड विश्वविद्यालय में भव्य आयोजन

नुक्कड़ नाटक के ज़रिये छात्रों ने दिखाई हिन्दी की सांस्कृतिक पहचान

देहरादून ! देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी, देहरादून के विवेकानंद पुस्तकालय विभाग के सौजन्य से आज गणेश वंदना के साथ दीप प्रज्वलित कर हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया, ज्ञात हो कि वर्ष 1949 में भारत की संविधान सभा ने हिन्दी को देवनागरी लिपि सहित राजभाषा के रूप में मान्यता प्रदान दी एवं तभी से 14 सितंबर को पूरा देश हिन्दी दिवस का आयोजन करता है

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी के कुलपति, प्रोफेसर अजय कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि देवनागरी लीपी से सुसज्जित हिंदी भारत की राजभाषा है भारत में 22 भाषाओं को आधिकारिक दर्जा मिला हुआ है, जिसमें अंग्रेजी और हिंदी भी शामिल है। कुलपति ज़ी ने कहा कि शिक्षा में जितना महत्व अंग्रेजी का है उतना ही हिन्दी का भी है
प्रति कुलपति प्रोफेसर ऋतिका मेहरा ने हिन्दी जगत के साहित्यकारों का हिन्दी भाषा विकास के योगदान पर चर्चा करते हुए छात्रों को हिन्दी साहित्य पढ़ने की सलाह दी वही विधि विभाग के डीन प्रोफेसर ने कहा कि हिन्दी भारत देश के मथे की बिंदी है औऱ अदालत ने भी कई बार ये साफ किया है कि हिन्दी देश की राजभाषा है ना कि राष्ट्रभाषा, आज भारत में अलग अलग राज्यों में 22 भाषाए बोली जा रही है ये सभी भाषाएं बराबर हैं और कोई भी भाषा ना किसी से कम है और ना किसी से ज्यादा। आज भी भारत देश में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली देवनागरी लिपि से सुसज्जित भाषा हिंदी विश्व में अंग्रेजी भाषा के बाद दूसरे नंबर पर बोली जाने वाली भाषा है

देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी के छात्र छात्राओं ने इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक के ज़रिये हिन्दी की सांस्कृतिक पहचान की बेहतरीन प्रस्तुति की
विश्वविद्यालय पुस्तकालय की अध्यक्ष रेख ठाकुर ने सभी का स्वागत किया एवं पुस्तकालय समित की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति हांडा ने कार्यक्रम का संयोजन किया ज्ञात हो कि, हिन्दी दिवस के उपलक्ष में ये पखवाड़ा 14 सितंबर से 28 सितंबर तक पूरे देश में चलेगा

कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी की पुस्तकालय अध्यक्ष रेखा ठाकुर, लाइब्रेरी कमेटी की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति हांडा कक्कड़ व सदस्य अंजली अधिकारी, तृप्ति पाण्डेय, डॉ. दीपा, हिमांशु जखमोला सहित यूनिवर्सिटी के छात्र छात्राये मौजूद रहे
डिप्टी लाइब्रेरियन मीनाक्षी राजपूत ने सभी के प्रति आभार अर्पित किया

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