पुणे। डीआरडीओ वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर को एटीएस महाराष्ट्र ने पाकिस्तानी जासूसी के आरोप में चार्जशीट किया है !
डीआरडीओ का वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर जारा नाम इस्तेमाल कर रही पाकिस्तानी एजेंट के प्रति आकर्षित था, इसी वजह से भारत की मिसाइल प्रणालियों, अन्य गोपनीय परियोजनाओं के बारे में उससे बातचीत करता था
यह खुलासा महाराष्ट्र पुलिस की एंटी टेररिस्ट स्क्वाड अर्थात एटीएस द्वारा दाखिल चार्जशीट में किया गया हैं !
पुणे स्थित डीआरडीओ की एक प्रयोगशाला में निदेशक प्रदीप कुरुलकर को 3 मई को शासकीय गोपनीयता अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था !
एटीएस के अनुसार वह व्हाट्सएप पर एजेंट जारा से संपर्क करता था दोनों वीडियो कॉल भी करते थे !
जारा ने खुद को ब्रिटिश सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताया था और कुरुलकर अश्लील संदेश व वीडियो भेज कर उससे दोस्ती की थी
दोनों जून 22 से दिसंबर 2022 तक संपर्क में थे !
जांच में जारा का आईपी एड्रेस पाकिस्तानी निकला है, वहीं शक होने के बाद जब डीआरडीओ ने उसकी जांच की तो उसने फरवरी 2023 में जारा का नंबर ब्लॉक कर दिया था ! जारा ने कुरुलकर को एक अनजान भारतीय नंबर से संपर्क कर पूछा था कि उसे ब्लॉक क्यों किया ?
कुरुलकर ने जारा को ब्रह्मोस लांचर, ड्रोन, यूसीबी, अग्नि मिसाइल लांचर और सेना की पुल प्रणाली की गोपनीय, संवेदनशील जानकारियां दी थी
चार्जशीट के अनुसार आरएसएस विचारक प्रदीप कुरुलकर, जारा की ओर आकर्षित था, इसलिए अपने निजी फोन में यह सभी जानकारियां रखता था और समय-समय पर जरा को देता था ….
दोनों की व्हाट्सएप चैट……..
कुरुलकर को जारा बेब… कहकर बुलाती थी
जारा : मैंने अभी देखा कि तुम सेंम मिसाइल पर काम कर रहे हो…?
कुरुलकर : हां
जारा : कब तक पूरा होगा ?
कुरुलकर : अगले 2 हफ्ते में
जारा : यह आर्मी को दोगे या एयरफोर्स ?
कुरुलकर : दोनों को ..!
जारा : यानी परीक्षण पूरा हो चुका है / ट्रायल पूरे हो चुके हैं …?
जारा : ब्रह्मोस का आविष्कार तुमने ही किया था ना बेब ….वह तो बहुत खतरनाक है ..!
कुरूलकर : मेरे पास शुरुआत डिजाइन रिपोर्ट है (संवेदनशील जानकारियां देते हुए)
जारा : यह हवा से लांच करने वाला वर्जन है ना, इसके बारे में हमने पहले बात की थी ?
