झाँसी-प्रभु एक राम भिखारी सारी दुनिया, भक्तमाल कथा के तीसरे दिन भावविभोर हुये भक्त,रिपोर्ट-रोहित,सत्येंद्र
झांसी। मनुष्य शरीर के समान कोई शरीर नहीं है। चर-अचर सभी जीव उसकी याचना करते हैं। वह मनुष्य शरीर नरक, स्वर्ग और मोक्ष की सीढ़ी है तथा कल्याणकारी ज्ञान, वैराग्य और भक्ति को देने वाला है। मनुष्य जन्म अत्यन्त ही दुर्लभ है, मनुष्य जीवन का केवल एक ही उद्देश्य और एक ही लक्ष्य होता है,…
