झाँसी- सभी ने छोड़ा मैदान ,सत्येंद्र बने बुंदेलखंड की पहचान,रिपोर्ट-रोहित,सत्येंद्र
झाँसी। कलम कला और कृपाल की धरती बुंदेलखंड को उसके हक दिलाने की मांग को लेकर उसने कुछ सालों से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारी लोकतंत्र के महापर्व के मौके पर अचानक गायब हो गए । किसी के भी बोल पृथक बुंदेलखंड राज्य को लेकर सुनाई नहीं दे रहे हैं। ऐसे में बुंदेलखंड क्रांति…
