नई कहानी- संस्कार
हाथ में रिपोर्ट्स की फ़ाइल लिए गुमसुम आंखों में नमी लिए बैठी उत्तरा दरवाजे की घंटी बजते ही झट से फ़ाइल पलंग के सिरहाने में छुपाते हुए आँसू पोंछकर खुद को संभालते हुए उठ खड़ी हुई, मोहित ऑफिस से लौटा था, मुस्कुराते हुए स्वागत किया, और पानी देकर उसके लिए चाय बनाने चली गई। चाय…
