झांसी-कत्लखाना का दाग, चेहरो से कैसे हटेगा नकाब!
झांसी-बुन्देलखण्ड की पावन धरती पर खुला कत्लखाना बुन्देलियो की छाती को कसोट रहा है। कमाल इस बात का है कि जिन्होने गंगा की तरह पवित्र राजनीति करने की कसमे खायी, वो भी इस कत्लखाने से बहने वाले खून की दुर्गन्ध से बेहाल नहीं हैं! ऐसे दोहरे चेहरे वालो से पहल की उम्मीद नहीं होने से…
