गोविंद सिंह गुल को बुन्देलखण्ड फिल्म एसोसियेशन (पंजी.) की ओर से भावपूर्ण श्रद्धासुमन नमन… हृदयतल से ! – संजय राष्ट्रवादी
झांसी। गोविन्द सिंह गुल, एक ऐसा नाम जो 80 – 90 के दशक में स्टारडम की एक मिसाल हुआ करता था… समूचे बुन्देलखण्ड के गांव गांव शहर शहर, हर गली हर मुहल्ले में पान के खोखे खोमचों पर हर जगह गुल साहब बुन्देली चुटकलों की एक अनूठी शैली, अजीबोगरीब प्रस्तुति से अपने चाहने वालों के…
