*अमेरिका-ईरान जंग के बीच रूस ने भारत को दिया बड़ा भरोसा, कहा-दिक्कत हुई तो भर-भरकर देंगे तेल*
*भारत जब भी मुसीबत में फंसा है, उसका दोस्त रूस हमेशा से मदद के लिए सबसे आगे खड़ा दिखता है. इस बार भी ऐसा ही हुआ.*
*ईरान वॉर के बीच पुतिन खुलकर आए भारत के साथ, 95 लाख बैरल तेल भेजने को तैयार रूस*
* भारत को एक बड़े कच्चे तेल का शिपमेंट भेजने के लिए रूस तैयार हो चुका है.
* रूस के दो तेल टैंकर भारत की तरफ बढ़ रहे हैं और वो भारत के पारादीप और वडिनार बंदरगाहों पर तेल उतारेंगे.
* रूसी कच्चे तेल ‘यूराल’ ग्रेड के करीब 14 लाख बैरल कच्चे तेल को ले जा रहे दो टैंकर इस हफ्ते भारतीय बंदरगाहों पर तेल उतारने वाले हैं.
* वहीं भारत के पास सिर्फ 25 दिनों का रिजर्व बचा हुआ है.
*इस समय भारतीय जलक्षेत्र के पास जहाजों पर लगभग 95 लाख बैरल रूसी कच्चा तेल मौजूद है और इसे कुछ ही हफ्तों में भारत पहुंचाया जा सकता है.*
◆ यह खबर तब सामने आई है, जब मिडिल ईस्ट से तेल आयात करने का रास्ता बंद है, जहां से भारत करीब 50 फीसदी तेल आयात करता था. यह भारत के लिए एक बड़ी राहत है.
◆ भारत की रिफाइनरियां हर दिन लगभग 5.6 मिलियन बैरल तेल को रिफाइन करती हैं, जिसका अर्थ है कि शिपिंग मार्गों में किसी भी प्रकार की लंबी रुकावट से आपूर्ति में तेजी से कमी आ सकती है.
◆ अगर मध्य पूर्वी देशों से कच्चे तेल की आपूर्ति में कमी आती है तो मॉस्को इस अंतर को पाटने में मदद करने के लिए तैयार है, और संभावित रूप से भारत की कच्चे तेल की जरूरतों का 40% तक पूरा कर सकता है.
◆ भारत द्वारा रूस से तेल का आयात इस साल की शुरुआत में कम हो गया था. जनवरी में आयात घटकर लगभग 1.1 मिलियन बैरल प्रति दिन रह गया, जो नवंबर 2022 के बाद का सबसे निचला स्तर था.
◆ भारत के कच्चे तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी घटकर 21.2% हो गई, हालांकि फरवरी में यह बढ़कर लगभग 30% हो गई.
◆ रूसी कच्चे तेल ‘यूराल’ ग्रेड के करीब 14 लाख बैरल कच्चे तेल को ले जा रहे दो टैंकर इस हफ्ते भारतीय बंदरगाहों पर तेल उतारने वाले हैं. इससे पहले इन जहाजों ने संकेत दिया था कि वो और आगे पूर्वी एशिया की ओर जा रहे हैं.
◆ यूराल तेल बाल्टिक और ब्लैक सी से लोड होता है और भारत की रिफाइनरियां अमेरिकी प्रतिबंधों के कड़े होने से पहले भारी मात्रा में इनकी खरीदारी करती थीं.
◆ 730,000 बैरल तेल ले जा रहा सूएजमैक्स टैंकर ‘ओड्यून’ बुधवार को ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पर पहुंच गया. वहीं, 700,000 से ज्यादा बैरल तेल ले जा रहा अफ्रामैक्स टैंकर ‘मतारी’ गुरुवार को गुजरात के वडिनार बंदरगाह पहुंचने वाला है.
◆ अरब सागर में मौजूद सूएजमैक्स टैंकर ‘इंड्री’ पहले अपना डेस्टिनेशन सिंगापुर दिखा रहा था. जहाज में 730,000 बैरल यूराल तेल लदा था और इस हफ्ते अचानक जहाज उत्तर की ओर मुड़ गया और भारत की तरफ बढ़ गया.
*भारत दुनिया की तीसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार और उपभोक्ता है जो कि सप्लाई में झटकों को लेकर संवेदनशील है. भारत के पास कच्चे तेल का भंडार केवल लगभग 25 दिनों की मांग को ही पूरा कर सकता है. वहीं, भारतीय रिफाइनरियों के पास भी डीजल, पेट्रोल और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का सीमित भंडार है.*
