उभरती प्रतिभाओं को मिला मंच, ‘कलात्मक ताल’ कला प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई अद्भुत सृजनात्मकता
झांसी।
राजकीय संग्रहालय, झांसी में रविवार को रंग कला क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा “कलात्मक ताल” नामक भव्य कला एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन संस्था की संस्थापक एवं निदेशक प्रियंका रिछारिया तथा उनकी सहयोगी रोशनी प्रजापति ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य उभरते कलाकारों को सशक्त मंच प्रदान करना, उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना तथा समाज में कला एवं संस्कृति के प्रति जागरूकता का विस्तार करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. संदीप सरावगी (संघर्ष सेवा समिति, झांसी) रहे। विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ समाजसेविका डॉ. नीति शास्त्री, नेहा शुक्ला, संचिता ठाकुर, वरिष्ठ चित्रकार किशन सोनी, जगदीश लाल, ईशा अरोरा, अनूप खरे, समाजसेविका किरण, प्रियंका गुप्ता सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता में छह वर्ष से अधिक आयु वर्ग के प्रतिभाशाली कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन तीन अलग-अलग आयु वर्गों में किया गया। इसके अतिरिक्त समूह नृत्य एवं एकल नृत्य प्रतियोगिताओं में भी प्रतिभागियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। प्रत्येक श्रेणी में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कला प्रेमियों एवं अभिभावकों की उपस्थिति रही। प्रतियोगिता में गौरी, चेष्टा, सिद्धि, निवेदिता, मीमांसा, अनुराग सहित अनेक प्रतिभाशाली बच्चों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। वहीं पवन कुशवाहा, राशि, मानस्वी, काव्य द्विवेदी एवं अन्य कलाकारों ने भी कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. संदीप सरावगी ने अपने संबोधन में कहा कि, “कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, संवेदना और संस्कृति की जीवंत धारा है। जब किसी समाज के बच्चे रंगों, रेखाओं, संगीत और नृत्य के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को आकार देते हैं, तब एक सशक्त, संवेदनशील और सृजनशील राष्ट्र की नींव तैयार होती है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी के आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करते हैं। संघर्ष सेवा समिति सदैव उन प्रयासों के साथ खड़ी रहेगी जो प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त बनाने का कार्य करते हैं।”
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।
