“बोर्ड ऑफ़ स्टडीज की बैठक में विद्वानो नें किया ज्ञान मंथन”
देहरादून! रुड़की स्थित मदरहुड यूनिवर्सिटी में उच्चशिक्षा में गुणात्मक सुधार हेतु विश्वविद्यालय अध्ययन बोर्ड ( बोर्ड ऑफ़ स्टडीज़ – BOS) बैठक आयोजित की गयी जिसमे उत्तराखंड एवं उत्तप्रदेश के विधि प्रोफेसर शामिल हुए l
ज्ञात हो कि किसी भी विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण और बुनियादी घटक बोर्ड औऱ स्टडीज़ की बैठक ही होती हैं। यह सीधे तौर पर पाठ्यक्रम सिलेबस , पठन-पाठन और परीक्षा प्रणाली की रूपरेखा तैयार करने और उसे अद्यतित रखने के लिए जिम्मेदार होती है
बैठक में लॉ कॉलेज के विधिविशेषज्ञ प्रोफेसर(डॉ.)अनिल कुमार दीक्षित, उत्तरप्रदेश से प्रोफेसर(डॉ.)मनीषा सैनी संकायअध्यक्ष, शाकुम्भरी यूनिवर्सिटी सहारनपुर, प्रोफेसर बोधित्व आचार्य , प्रोफेसर जे.एस. श्रीवास्तव सहित कई विधि विशेषज्ञ बैठक में शामिल हुए l
देहरादून के लॉ प्रोफेसर नें कहा कि उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा निर्देश तत्काल लागू हो क्यों कि कानून की उच्च शिक्षा में एआई औऱ डाटा साइंस का समावेश ज़रूरी हैं वही शाकुम्भरी देवी यूनिवर्सिटी सहारनपुर की लॉ संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर मनीषा सैनी नें विधि की उच्च शिक्षा में शोध (रिसर्च एवं इनोवेशन) क़ो आज की सबसे ज़रूरी आवश्यकता बताया ताकी हम विश्व में अपनी पहचान बना सके l प्रोफेसर बोधित्स्व आचार्य नें उच्च शिक्षा में वैश्विक भाषाओ पर बल दिया ताकी यूनाइटेड नेशन, वर्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेसन जैसी संस्थानो में भारत बेहतर कर सके
बोर्ड ऑफ़ स्टडीज की बैठ में प्रोफेसर(डॉ.)मनीषा सैनी एवं प्रोफेसर (डॉ.) अनिल कुमार दीक्षित क़ो उनके उत्कृष्ट रिसर्च, पेटेंट एवं इनोवेश के लिये सम्मानित भी किया गया डॉ दीक्षित नें बैठक में अन्य विषयो पर भी सुधात्मक चर्चा की गयी जिसमे पाठ्यक्रम निर्माण , पुस्तकों की अनुशंसा , परीक्षा औऱ मूल्यांकन, गुणवत्ता नियंत्रण आदि प्रमुख़ बिन्दु रहे l
