चालीहा महोत्सव में गूंजे भगवान झूलेलाल के भजन, साईं प्रताप राय जी महाराज के सत्संग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर*

*चालीहा महोत्सव में गूंजे भगवान झूलेलाल के भजन, साईं प्रताप राय जी महाराज के सत्संग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर*

झांसी। पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत एवं झूलेलाल सिंधी सेवा मंडल के तत्वावधान में पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत भवन, रानीमहल स्थित भगवान श्री झूलेलाल मंदिर में चल रहे 28वें पावन 40 दिवसीय भगवान श्री झूलेलाल चालीहा व्रत महोत्सव के अंतर्गत भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं एवं श्रद्धालुओं ने सहपरिवार पहुंचकर भगवान श्री झूलेलाल जी की आराधना की।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री झूलेलाल जी की महाआरती से हुआ। ढोल, घंटे एवं घड़ियालों की मंगलध्वनि के बीच हुई महाआरती से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से आरती एवं पल्लव कर भगवान श्री झूलेलाल जी से समाज एवं परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

महाआरती के पश्चात फ्रेंड्स आर्केस्ट्रा ग्रुप द्वारा भव्य झूलेलाल भजन संध्या का आयोजन किया गया। कलाकारों ने भगवान श्री झूलेलाल साईं की महिमा का गुणगान करते हुए एक से बढ़कर एक मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की स्वर लहरियों के साथ श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे और पूरा परिसर जय झूलेलाल के जयघोष से गूंज उठा। सिंधी भजनों और भक्तिमय संगीत के अद्भुत संगम ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कराई।

इसके पश्चात प्रेम प्रकाश आश्रम, मुरैना से पधारे पूज्य साईं श्री प्रताप राय जी महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रेरणादायी सत्संग प्रदान किया। साईं प्रताप राय जी महाराज ने भगवान श्री झूलेलाल जी की महिमा, भक्ति, सेवा, सदाचार एवं मानवता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके माध्यम से समाज में प्रेम, भाईचारा, सेवा और संस्कारों को मजबूत करना है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने जीवन में सद्भाव, संयम एवं सेवा भावना को अपनाने का आह्वान किया। उनके सरल एवं प्रेरणादायी विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

सत्संग के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह आध्यात्मिक वातावरण में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा के साथ साईं प्रताप राय जी महाराज के प्रवचन श्रवण किए और उनके आशीर्वचन प्राप्त किए।

पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत के अध्यक्ष हरीश हासानी ने कहा कि 40 दिवसीय चालीहा महोत्सव सिंधी समाज की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख पर्व है। प्रतिदिन आयोजित होने वाले धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज को एक सूत्र में बांधने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।

झूलेलाल सिंधी सेवा मंडल के अध्यक्ष आकाश खियानी ने कहा कि भगवान श्री झूलेलाल जी का संदेश प्रेम, शांति, सेवा और मानवता का संदेश है। चालीहा महोत्सव में संतों के सत्संग एवं भजन संध्याओं के माध्यम से यही संदेश समाज के प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

मीडिया प्रभारी दिनेश कोडवानी ने कहा कि चालीहा महोत्सव के प्रत्येक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। बाहर से पधारने वाले संतों एवं भजन गायकों के कारण महोत्सव की आध्यात्मिक गरिमा और अधिक बढ़ रही है। उन्होंने समाजबंधुओं से महोत्सव के आगामी कार्यक्रमों में भी सपरिवार शामिल होकर भगवान श्री झूलेलाल जी का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की।

इस अवसर पर हरीश हासानी, आकाश खियानी, जयकिशन फबयानी, दिनेश कोडवानी, अशोक जैसवानी, कलतार भम्भानी, बबीता हासानी, हर्षा कोडवानी, अंजू पवानी, विनीता नैनवानी, सरोज जैसवानी, रेखा भम्भानी आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम में आए अतिथियों एवं संत श्री का स्वागत बबीता हासानी एवं हर्षा कोडवानी ने किया। कार्यक्रम का संचालन दिनेश कोडवानी ने किया। अंत में हरीश हासानी ने संत श्री, कलाकारों, अतिथियों एवं सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने गुरु के अटूट लंगर का प्रसाद ग्रहण किया।

*दिनेश कोडवानी*
*मीडिया प्रभारी सिंधी समाज झांसी*

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