लीजेंडरी पार्श्व गायक,किशोर दा की जयंती पर “ज़िंदगी एक सफ़र है सुहाना” संगीत संध्या में गूंजे सदाबहार नगमे*

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*लीजेंडरी पार्श्व गायक,किशोर दा की जयंती पर “ज़िंदगी एक सफ़र है सुहाना” संगीत संध्या में गूंजे सदाबहार नगमे*

झांसी। महान पार्श्व गायक किशोर कुमार की जयंती के उपलक्ष्य में झांसी कल्चरल सोसायटी द्वारा आयोजित भव्य संगीत संध्या “ज़िंदगी एक सफ़र है सुहाना” में शहर के संगीत प्रेमियों ने देर रात तक किशोर दा के अमर गीतों का आनंद लिया। कार्यक्रम में प्रस्तुत कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से ऐसा समां बाँधा कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष कुमार विपिन अग्रवाल ने की। संरक्षक अशोक अग्रवाल ‘काका’ एवं इं. रविकांत दुबे की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संयोजन बी.के. श्रीवास्तव, सह-संयोजन प्रभात सविता, कोषाध्यक्ष अजय सिसोदिया तथा मीडिया प्रभारी अनिल मौर्या ने किया।

संगीत संध्या का शुभारंभ बी.के. श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत गीत “ज़िंदगी एक सफ़र है सुहाना” से हुआ। इसके पश्चात कलाकारों ने एक से बढ़कर एक सदाबहार गीत प्रस्तुत किए। अमित उपाध्याय ने “हाँ, पहली बार”, राकेश मेहरोत्रा ने “चाहिए थोड़ा प्यार, थोड़ा प्यार चाहिए”, अजय सिसोदिया ने “जो राह चुनी तुमने”, जितेंद्र पाल ने “कुछ लोग मोहब्बत करके हो जाते हैं बर्बाद”, प्रकाश लिखधारी ने “ज़िंदगी के सफ़र में गुजर जाते हैं जो मुकाम”, पवन श्रीवास्तव ने फिल्म देश प्रेमी का गीत “खातून की खिदमत में सलाम अपुन का”, प्रभात सविता ने “अपनी तो जैसे तैसे कट जाएगी”, आनंद सोनी ने “ज़िंदगी प्यार का गीत है”, इं. जितेंद्र जोशी ने “एक अजनबी हसीना से यूँ मुलाकात हो गई”, राधा मोहन शांडिल्य ने “ओ मेरी, ओ मेरी, ओ मेरी शरमीली”, संजीव मेहरोत्रा ने “रिमझिम गिरे सावन”, आकाश लक्षाकार ने “खइके पान बनारस वाला”, योगेश कुमार ने “दिल आज शायर है, ग़म आज नगमा है”, इं. रविकांत दुबे ने “भँवरे की गुंजन है मेरा दिल”, नीरज सेन ने “नीले-नीले अंबर पर चाँद जब आए”, सुरजीत भूसारी ने “देखा न हाय रे, सोचा न हाय रे”, कुमार विपिन अग्रवाल ने “जीवन के दिन छोटे सही”, दुआ जी ने “सामने ये कौन आया, दिल में हुई हलचल”, सुनील ने “मेरे महबूब क़यामत होगी”, दिनेश यादव ने “दिलवर मेरे कब तक मुझे ऐसे ही तड़पाओगे”, मुकेश गोयल ने “फूलों के रंग से, दिल की कलम से” तथा रंजना झा ने अपनी मधुर प्रस्तुति “हमें तुमसे प्यार कितना” से श्रोताओं का मन मोह लिया।इस अवसर पर पतंजलि के योग शिछक श्री श्याम बुधोलिया, राजेश सेन, उमेश दुआ , भारत भूषण,पवन झाँ, नीरज सेन, अंकुर अग्रवाल,लाखन सिंह, अतुल गुप्ता इत्यादि सदस्य उपस्थित रहे |

कार्यक्रम के अंत में संस्था के पदाधिकारियों ने सभी कलाकारों, अतिथियों, सहयोगियों एवं उपस्थित संगीत प्रेमियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज में संगीत और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त माध्यम हैं। किशोर कुमार के अमर गीतों को समर्पित यह संगीतमय संध्या उपस्थित सभी श्रोताओं के लिए अविस्मरणीय बन गई।कार्यक्रम का सफल संचालन श्री अजय सिसोदिया जी नें किया |

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