संघर्ष बना सहारा: बेटी के सपनों को संवारते हुए डॉ. संदीप ने भर दी खुशियों की डोली

संघर्ष बना सहारा: बेटी के सपनों को संवारते हुए डॉ. संदीप ने भर दी खुशियों की डोली

झाँसी। सामाजिक सरोकारों की सजीव मिसाल प्रस्तुत करते हुए जनपद के प्रख्यात समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी ने एक जरूरतमंद परिवार की बेटी के विवाह अवसर पर मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत सहयोग प्रदान किया।

उन्नाव गेट अंदर निवासी संजना कुशवाहा, पुत्री भगवान दास कुशवाहा एवं माता सुनीता कुशवाहा, का विवाह संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर डॉ. संदीप सरावगी ने संघर्ष सेवा समिति कार्यालय में वधु को आशीर्वाद स्वरूप फुल साइज ट्रॉली बैग, साड़ी एवं अन्य उपयोगी उपहार भेंट कर समाज में सहयोग और सहकारिता की भावना को सशक्त किया।

इतना ही नहीं, वधु को विवाह के लिए सुसज्जित करने की व्यवस्था भी संदीप सरावगी द्वारा ही कराई गई, जिसमें कलर्स ब्यूटी पार्लर से उसे स्नेहपूर्वक तैयार कराया गया। यह सहयोग केवल भौतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक संबल का भी प्रतीक बना, जिसने एक परिवार के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी।

कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता और सहयोग का सुंदर दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर वीर सिंह, ऐश्वर्य सरावगी, संदीप नामदेव, धर्मेंद्र खटीक, मास्टर मुन्नालाल, राजू सेन, अनुज प्रताप सिंह, बसंत गुप्ता, राकेश अहिरवार, रिया वर्मा, अंजली विश्वकर्मा, सिद्धांत गुप्ता, शुभांशु वर्मा, भावना अग्रवाल, मीना मसीह, रानी वर्मा, नीता सिंह, कुसुम साहू, धर्मेंद्र सिंह, पवन सिंह, रतिराम यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में मानवीय मूल्यों को जीवित रखते हैं और यह संदेश देते हैं कि बेटी के विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर समाज एक परिवार की तरह साथ खड़ा है। डॉ. संदीप सरावगी का यह कार्य न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनकर उभरता है।

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