सभी आयु वर्ग के समग्र स्वास्थ्य पर होता है एनीमिया का दुष्प्रभाव – डॉ शिशिर पुरी*

कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी द्वारा एनीमिया मुक्त भारत अभियान कार्यशाला से संबंधित जारी की गई

*एनीमिया मुक्त भारत अभियान की कार्यशाला का हुआ आयोजन*

*सभी आयु वर्ग के समग्र स्वास्थ्य पर होता है एनीमिया का दुष्प्रभाव – डॉ शिशिर पुरी*

*बच्चों, किशोरियों एवं महिलाओं में एनीमिया कम करना मुख्य उद्देश्य – डॉ रमाकांत स्वर्णकार*

*झांसी दि- 7 जुलाई 2026*
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित एनीमिया मुक्त भारत एक महत्वपूर्ण अभियान है। इसका लक्ष्य देश में एनीमिया की दर को हर साल 3% तक कम करना है, यह जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी डॉ शिशिर पुरी ने बताया कि बच्चों, महिलाओं एवं किशोरियों में एनीमिया की समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्यशाला का आयोजन कार्यालय सभागार में किया गया। इस कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही शिक्षा विभाग और आईसीडीएस विभाग भी सम्मिलित हुआ। एनीमिया मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत कुल 6 लाभार्थी समूह हैं:- 6-59 महीने के बच्चे, 5-9 वर्ष के बच्चे, 10-19 वर्ष के किशोर-किशोरी, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान करने वाली माताएं और प्रजनन आयु वर्ग की महिलाएं। इस कार्यक्रम में आयरन फोलिक एसिड सप्लीमेंटेशन, कृमि मुक्ति, आयरन युक्त भोजन को बढ़ावा देना और डिजिटल निगरानी आदि सम्मिलित है। शरीर में आवश्यक निर्धारित मात्रा से कम हीमोग्लोबिन की स्थिति को एनीमिया कहा जाता है। सभी आयु वर्ग के नागरिकों के स्वास्थ्य पर एनीमिया का दुष्प्रभाव देखा जाता है। बाल मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर के साथ ही समग्र स्वास्थ्य कल्याण में एनीमिया की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जनपद में आयोजित ग्राम/नगर स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस के माध्यम से 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को आयरन फोलिक एसिड का सिरप और गर्भवती महिलाओं, स्तनपान करने वाली माता और प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं को आयरन फोलिक एसिड की गोलियां निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। इसी प्रकार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 5-9 वर्ष के बच्चे तथा 10-19 वर्ष के किशोर-किशोरियों को विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से आयरन फोलिक एसिड की गोलियां उपलब्ध कराई जाती हैं। आरबीएसके टीम सभी सरकारी विद्यालयों व आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत बच्चों व छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ ही आयरन फोलिक एसिड की गोली और आयरन युक्त भोज्य पदार्थ खाने हेतु प्रेरित करती है।

नोडल अधिकारी डॉ रमाकांत स्वर्णकार ने बताया कि सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में नोडल शिक्षक के द्वारा मिड डे मील भोजन के 1 घंटे पश्चात सभी बच्चों को आईएफए की गोली सप्ताह में एक दिन अपनी निगरानी में खिलाई जाती है। साप्ताहिक आयरन फोलिक एसिड सप्लीमेंटेशन के अंतर्गत विगत वर्ष 2025-26 में कक्षा 1 से 5 तक के 67932 विद्यार्थियों एवं कक्षा 6 से 12 तक के 88854 विद्यार्थियों को आच्छादित किया गया था। इस वर्ष 2026-27 में माह जून 2026 तक कक्षा 1 से 5 तक के 57654 एवं कक्षा 6 से 12 तक के 73769 विद्यार्थियों को आईएफए टैबलेट खिलाई गई। अब विद्यालय खुल गए हैं, तो सभी बच्चों को संतृप्त किया जाएगा। कार्यशाला में डीईआईसी मैनेजर श्री रामबाबू कुमार एवं न्यूट्रीशन इंटरनेशनल संस्था से सुश्री विद्या के द्वारा एनीमिया मुक्त भारत अभियान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

कार्यशाला में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री दिनेश सिंह द्वारा जागृति अभियान, संभव अभियान एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यशाला में आगामी सप्ताह में प्रस्तावित विश्व जनसंख्या पखवाड़े की जानकारी डॉ अंशुमान तिवारी उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रदान की गई।

इस कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ के एन एम त्रिपाठी, एसीएमओ आरसीएच डॉ एन के जैन, नोडल अधिकारी डॉ रमाकांत स्वर्णकार, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अंशुमान तिवारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ विजयश्री शुक्ला, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के अधीक्षक गण, एआरओ, आरबीएसके टीम लीडर, शिक्षा विभाग से खंड शिक्षा अधिकारी, आईसीडीएस विभाग से सीडीपीओ आदि उपस्थित रहे।

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