उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट में सुनीता पत्नी राजेश का नाम 2341 जगह है।
लखनऊ
अखिलेश यादव ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह आंकड़ा रखा। उन्होंने सवाल पूछा कि *क्या यह संभव है कि 2341 वोटर पति-पत्नी के नाम एक जैसे हों ?*
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में भारी गड़बड़ी और फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है।
उन्होंने इस दावे के पक्ष में निम्नलिखित आंकड़े और तर्क मीडिया के सामने रखे:
*• फर्जी प्रविष्टियों (Duplicate Entries) का दावा:*
अखिलेश यादव ने एक विशिष्ट उदाहरण देते हुए कहा कि ‘सुनीता, पत्नी राजेश, उम्र 42 वर्ष’ नाम की एक ही महिला की वोटर लिस्ट में 420 एंट्री पाई गईं।
*• 2,341 जगहों पर एक जैसा नाम:*
उन्होंने आगे बताया कि जब पूरे उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में इन दोनों नामों (सुनीता और पति राजेश) को एक साथ खोजा गया, तो कुल 2,341 जगह यह नाम सामने आया।
*• अखिलेश यादव का सवाल:*
इस पर उन्होंने चुनाव आयोग और व्यवस्था पर तंज कसते हुए सवाल उठाया कि *”क्या यह व्यावहारिक रूप से संभव है कि पूरे प्रदेश में 2,341 मतदाताओं के खुद के नाम और उनके पति के नाम बिल्कुल एक जैसे (सुनीता और राजेश) हों?”*
उन्होंने इसे मतदाता सूची में *’वोटों की चोरी’* और हेरफेर करने की एक बड़ी साजिश करार दिया।
सपा प्रमुख की प्रमुख मांगें और आरोप:
*1. बायोमेट्रिक और आधार लिंकेज की मांग:*
चुनाव में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने मांग की कि वोटर आईडी को अनिवार्य रूप से आधार कार्ड से जोड़ा जाए और मतदान केंद्रों पर बायोमेट्रिक (उंगलियों के निशान) स्कैनिंग की मशीनें उपलब्ध कराई जाएं।
*2. प्राइवेट कंपनी पर संदेह:*
उन्होंने मतदाता सूची के प्रबंधन में एक निजी कंपनी की संलिप्तता पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि यह लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है।
विपक्ष के इन आरोपों के बाद अब यह मामला तूल पकड़ रहा है, और समाजवादी पार्टी ने इस संबंध में 100 से अधिक विधानसभा सीटों की गड़बड़ियों का डेटा चुनाव आयोग को सौंपने की बात कही है।
