कॉलेज या स्कूल में छात्रों द्वारा आपस में किया जाने वाला, शारीरिक और मानसिक दुर्व्यवहार रैगिंग ही नहीं यह एक गंभीर अपराध है : रोशन लाल शर्मा

देहरादून ! देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ में दीक्षारंभ-2026 के अंतर्गत सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी श्री रोशन लाल शर्मा पूर्व सदस्य यूनाइटेड नेशन शान्ति दल, ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को एंटी-रैगिंग विषय पर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि “एक अच्छा वकील या न्यायाधीश बनने से पहले एक अच्छा इंसान बनना आवश्यक है।” उन्होंने रैगिंग से संबंधित कानूनों की जानकारी देते हुए बताया कि ऐसी गतिविधियों में शामिल होने पर विद्यार्थियों को कानूनी, शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत स्तर पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

रैगिंग के प्रकारों पर प्रकाश ड़ालते हुए श्री रोशन लाल शर्मा ज़ी ने बतलाया कि, शारीरिक शोषण जिसमे मारपीट करना, जबरन कोई काम करवाना या शारीरिक रूप से थकना।

मानसिक और मौखिक प्रताड़ना के अंतर्गत अपमानजनक बातें , गाली देना, या बेइज्जती महसूस कराना।

उत्पीड़न के अंतर्गत नए छात्र की जाति, रंग, भाषा या रूप-रंग का मज़ाक उड़ाना।

कार्यक्रम में स्कूल ऑफ लॉ के डीन प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार दीक्षित ने मुख्य अतिथि का परिचय कराया, जबकि डॉ. विनोद जोशी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. राजन धांडा, श्रीमती नीलम सिंह, श्रीमती शिवांगी पाठक, सुश्री आकांक्षा भट्ट, सुश्री स्माइल गोयल एवं श्री हिमांशु जखमोला सहित संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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