*
जालौन में अब बिना पंजीकरण संचालित अस्पतालों, नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर, पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटरों की खैर नहीं है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने ऐसे स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी करते हुए जनपद और तहसील स्तर पर संयुक्त जांच टीमों का गठन कर दिया है।
डीएम के आदेश के अनुसार पूरे जनपद में विशेष अभियान चलाकर निजी स्वास्थ्य संस्थानों का सघन निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान पंजीकरण, आवश्यक अनुमतियों और निर्धारित मानकों के अनुपालन की पड़ताल की जाएगी। यदि कोई संस्था बिना वैध पंजीकरण या नियमों के विपरीत संचालित पाई गई तो उसके खिलाफ तत्काल सीलिंग, अभियोजन और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जनपद स्तर पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक, मुख्य चिकित्साधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक की संयुक्त समिति बनाई गई है। वहीं उरई नगर क्षेत्र और सभी तहसीलों में उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस तथा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को शामिल करते हुए संयुक्त जांच टीमें गठित की गई हैं।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक टीम के साथ एक-एक अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को नामित किया जाए और निरीक्षण रिपोर्ट संकलित कर आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्तुत की जाए।
डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर अवैध रूप से संचालित संस्थानों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आम जनता के जीवन और स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सभी गठित समितियों को सात दिनों के भीतर अपनी संयुक्त जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट में सील किए गए संस्थानों का विवरण, कार्रवाई की स्थिति और जिम्मेदारी तय करने संबंधी बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि जनहित में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और वैधानिकता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*”जालौन में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर अवैध कारोबार करने वालों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, अब सात दिन में सामने आएगी पूरी तस्वीर।”*
