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झाँसी। उधर संसद शुरू, इधर बुंदेलखंड की आवाज फिर से फ़िजा में गूँजी

झाँसी। दिल्ली में आज संसद की कार्यवाही शुरु हो गई है । संसद में विपक्ष हंगामा कर रहा है,  तो झांसी में बुंदेलखंड का मुद्दा सड़क पर घूमने लगा है आज इस मुद्दे की गूंज में सामूहिक आवाज सुनाई दी। बुंदेलखंड राज्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्षेत्रीय सांसद उमा भारती कानों तक आवाज पहुंचाने के लिए विभिन्न संगठनों ने एक ज्ञापन दिया।

बुन्देलखंड निर्माण मोर्चा के तत्वाधान में अध्यक्ष भानु सहाय, बसपा नेता सीताराम कुशवाहा, बुन्देलखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष बाबू लाल तिवारी, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय पटवारी, बुन्देलखंड किसान पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर बिदुआ, बुन्देलखंड क्रांति दल अध्यक्ष सतेन्द्र पाल, बुन्देलखंड राज्य निर्माण सेना अध्यक्ष संजय शर्मा, राघुराज शर्मा, हमीदा अंजुम, उत्कार्ष साहूं, कु. बहादुर आदिम, विजिट कपूर, प्रदीप झा, निर्मोही, नरेश वर्मा, विकासपुरी, वंटी, सुन्दर ग्वाला, हरवंश लाल, बृजेश राय, दिनेश भार्गव, विवके दुबे और अनिल पाठक समेत कई राज्य समर्थक जिलाधिकारी झांसी के कार्यालय पहुंचे।

उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा।

ज्ञापन में उन्होंने बताया कि 2014 लोकसभा चुनाव में झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद एवं केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने पृथक बुन्देलखंड राज्य निर्माण के मुद्दे को जोर शोर से उठाकर जनता से वादा किया था कि केन्द्र में एनडीए की सरकार बनने के तीन साल के अंदर राज्य का निर्माण हो जायेगा।

केन्द्रीय मंत्री उमा भारती के इस वादे पर गृहमंत्री राजनाथ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनावी मंच से समर्थन करते हुए वादा किया था। लेकिन सरकार के बनने के बाद से अभी तक इस वादे को पूरा नहीं किया गया है।

अब बुन्देलखंड की जनता स्वयं को ठगा सा महसूस कर रही है। आखिर बुन्देलखंड की जनता कब तक राजनीति का शिकार होती रहेगी।

उन्होंने   प्रधानमंत्री से जनता से किया गये गये राज्य निर्माण के वादे को पूरा करने की  मांग की है। यदि राज्य निर्माण की मांग पूरी नहीं होती है तो यह आंदोलन इसी प्रकार चलता रहेगा। इसके साथ ही यह आंदोलन आने वाले समय में उग्र भी हो सकता है।

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