*तीसरे ‘सेल्फी मोड’ वीडियो में परीक्षा सुधारों पर PM मोदी का बड़ा एलान, विश्व प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में बनेगी हाई पावर टास्क फोर्स*
*विश्व प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणी भारत की डिजिटल पहचान प्रणाली ‘आधार’ (Aadhaar) के मुख्य वास्तुकार (Architect) और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के पहले अध्यक्ष थे।*
* उन्होंने भारत की डिजिटल पहचान, जन धन-आधार-मोबाइल (JAM) ट्रिनिटी और ओपन डिजिटल बुनियादी ढांचे को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई है।
*भारत में कल्याणकारी योजनाएं: पहले और अब*
*2014 से पहले*
● पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था कि सरकार का ₹1 भेजने पर केवल 15 पैसे ही लाभार्थी तक पहुंचते हैं।
● योजनाओं का लाभ मुख्यतः नकद वितरण के माध्यम से दिया जाता था, जिससे बिचौलियों और लीकेज की समस्या रहती थी।
● मोबाइल कॉल और इंटरनेट महंगे थे।
● बड़े-बड़े घोटाले अक्सर सुर्खियों में रहते थे।
● 2G स्पेक्ट्रम घोटाला लगभग ₹1.76 लाख करोड़ का बताया गया।
*2014 के बाद*
● 🇮🇳 विश्व प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी द्वारा विकसित आधार (Aadhaar) डिजिटल पहचान प्रणाली पर आधारित JAM (जन धन–आधार–मोबाइल) मॉडल को बड़े पैमाने पर लागू किया गया।
● 55 करोड़+ जन धन खाते खोले गए और उन्हें आधार व मोबाइल से जोड़ा गया।
● DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से ₹55 लाख करोड़+ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे गए।
● सरकार के अनुसार ₹6 लाख करोड़+ की बचत फर्जी लाभार्थियों, बिचौलियों और लीकेज को समाप्त कर हुई।
● भारत 2G से 5G तक पहुंचा और अब स्वदेशी 6G तकनीक पर काम कर रहा है।
*वैश्विक पहचान: विश्व बैंक ने भारत के DBT मॉडल की सराहना की है और इसे अन्य देशों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया है।*
*बड़ा बदलाव: यदि राजीव गांधी द्वारा बताई गई “₹1 में 15 पैसे” वाली स्थिति आज भी बनी रहती, तो DBT के माध्यम से भेजी गई राशि का केवल एक छोटा हिस्सा ही वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच पाता। JAM और DBT का उद्देश्य इसी प्रकार की लीकेज को रोककर सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाना है।*
*राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में व्यापक सुधारों के लिए केंद्र सरकार ने उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया।*
* *💻 नंदन नीलेकणी –* इंफोसिस के सह-संस्थापक एवं UIDAI के संस्थापक अध्यक्ष; डिजिटल पहचान, डिजिटल गवर्नेंस और बड़े तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म के विशेषज्ञ।
* *🚀 डॉ. एस. सोमनाथ –* पूर्व अध्यक्ष, इसरो (ISRO)।
* *तपन डेका –* पूर्व निदेशक, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB)।
* *प्रो. वी. कामकोटी –* निदेशक, आईआईटी मद्रास।
* *अनीता करवाल –* पूर्व शिक्षा सचिव।
* *अमृत लाल मीणा –* वरिष्ठ प्रशासक एवं लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ।
*टास्क फोर्स का उद्देश्य NTA परीक्षाओं की पारदर्शिता, सुरक्षा, विश्वसनीयता और दक्षता को और मजबूत बनाना है।*
*सार्वजनिक परीक्षा सुधार के लिए हाई-पावर्ड टास्क फोर्स*
● 🇮🇳 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की सार्वजनिक परीक्षाओं को पेपर लीक मुक्त, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने के लिए हाई-पावर्ड टास्क फोर्स की घोषणा की।
● इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी करेंगे।
● टास्क फोर्स का गठन NEET-UG पेपर लीक जैसी घटनाओं के बाद परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के उद्देश्य से किया गया है।
● समिति परीक्षाओं को सुरक्षित बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों के अधिकतम उपयोग पर सुझाव देगी।
● सरकार ने कहा है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर मजबूत, विश्वसनीय और फुलप्रूफ परीक्षा प्रणाली विकसित की जाएगी।
● नंदन नीलेकणी भारत की आधार (Aadhaar) डिजिटल पहचान प्रणाली के प्रमुख वास्तुकार और UIDAI के संस्थापक अध्यक्ष रहे हैं।
● eGov Foundation के सह-संस्थापक के रूप में उन्होंने डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा दिया।
● EkStep Foundation के माध्यम से वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बच्चों की बुनियादी शिक्षा और साक्षरता को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं।
● नंदन नीलेकणी आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र हैं तथा उन्हें पद्म भूषण और जोसेफ शुम्पीटर पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।
*🚀 इस टास्क फोर्स का उद्देश्य भारत की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी, विश्वसनीय और तकनीक-संचालित बनाना है।*
