*नई दिल्ली: सोशल मीडिया का कमाल. 13 साल बाद मिला जिगर का टुकड़ा, मुंबई के आश्रम में देख फफक पड़े माता-पिता*
*15 सितंबर मंगलवार 2026-27*
*नई दिल्ली:* जामा प्रखंड की आसनजोर पंचायत के हेंठरेंगनी गांव का अनिल मरीक करीब 13 वर्ष बाद अपने माता-पिता से मिला। लंबे समय बाद बेटे को सामने देखकर माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। अनिल मरीक करीब 13 वर्ष पूर्व घर से लापता हो गया था। आर्थिक रूप से कमजोर माता-पिता लंबे समय से बेटे की तलाश में परेशान थे। इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता विजय कापरी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से अनिल के मुंबई के एक आश्रम में सुरक्षित होने की जानकारी साझा की।
*मुंबई जाने के नहीं थे पैसे, विधायक ने की मदद:*
पोस्ट के बाद विजय ने अनिल के स्वजन से संपर्क कराया और उन्हें बेटे के सुरक्षित होने की जानकारी दी। बेटे के मुंबई में होने की खबर मिलने के बाद परिवार काफी खुश हुआ, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण माता-पिता तत्काल मुंबई जाने में असमर्थ थे। स्थानीय विधायक डॉ. लुईस मरांडी, भाजपा नेता राजू पुजहर व समाजसेवियों के प्रयास से अनिल के माता-पिता को मुंबई भेजने की व्यवस्था की गई। सोमवार को अनिल के माता-पिता मुंबई के लिए रवाना हुए और मंगलवार को वहां पहुंच गए। उनके साथ राजू पुजहर के नेतृत्व में समाजसेवी आनंदी राउत भी गए हैं।सभी लोग मंगलवार को आश्रम पहुंचकर अनिल से मिले और उसे सकुशल वापस गांव लाने की तैयारी में जुट गए।
*माता-पिता को देख भावुक हुआ अनिल:*
13 वर्षों बाद अपने माता-पिता को सामने देखकर अनिल भी भावुक हो गया। बेटे को सकुशल देखकर माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े।
*इलाज के बाद बताया घर का पता:*
अनिल 18 वर्ष की उम्र में जामा से निकलने के बाद मुंबई पहुंच गया था। सड़क पर भटकते मिलने के बाद एक युवक ने उसे आश्रम पहुंचाया था। आश्रम के कर्मचारियों ने कई बार उससे घर और गांव का पता जानने का प्रयास किया, लेकिन वह कुछ बता नहीं सका।करीब दो साल पहले आश्रम में उसका इलाज शुरू कराया गया। इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ और तीन दिन पहले उसने अपने घर का पता बताया। इसके बाद आश्रम के कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर उसकी जानकारी साझा कर मदद मांगी। पोस्ट देखकर विजय कापरी ने अनिल के स्वजन से संपर्क किया। इस तरह 13 साल से परिवार से बिछड़ा अनिल अब अपने घर लौटने की तैयारी में है।
