*चालीहा व्रत महोत्सव में माता हिंगलाज की पावन कथा से भक्तिमय हुआ झांसी*
झांसी। पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत एवं झूलेलाल सिंधी सेवा मंडल के तत्वावधान में पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत भवन, रानीमहल स्थित भगवान श्री झूलेलाल मंदिर में आयोजित 28वें पावन 40 दिवसीय भगवान श्री झूलेलाल चालीहा व्रत महोत्सव के अंतर्गत चौथे शुक्रवार को विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे और देर रात तक भगवान श्री झूलेलाल जी की भक्ति में लीन रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री झूलेलाल जी की महाआरती, पल्लव एवं अरदास से हुआ। इसके पश्चात अजमेर हिंगलाज माता की मणि के पुरोहित साईं घनश्याम दास जी के श्रीमुख से माता हिंगलाज की पावन कथा एवं सत्संग हुआ। साईं घनश्याम दास जी ने माता हिंगलाज की महिमा, धार्मिक महत्व एवं सिंधी समाज के साथ माता के आध्यात्मिक संबंध पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला।
साईं घनश्याम दास जी ने कथा के दौरान बताया कि सिंध स्थित माता हिंगलाज का पावन मंदिर सिंधी समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है और माता हिंगलाज को सिंधी समाज की कुलदेवी के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है।उन्होंने बताया कि सिंधी समाज की माता हिंगलाज के प्रति श्रद्धा और आस्था सदियों पुरानी है।
उन्होंने माता हिंगलाज से जुड़े धार्मिक एवं पौराणिक प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि माता हिंगलाज शक्ति, आस्था, संरक्षण और भक्ति की प्रतीक हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को समझाया कि धार्मिक कथाओं का उद्देश्य केवल उनका श्रवण करना नहीं, बल्कि उनके संदेश को अपने जीवन में उतारना है। सच्ची श्रद्धा, सेवा, सद्कर्म, संयम और ईश्वर में अटूट विश्वास मनुष्य को कठिन परिस्थितियों में भी सही मार्ग दिखाता है।
साईं घनश्याम दास जी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना अत्यंत आवश्यक है। माता हिंगलाज और भगवान श्री झूलेलाल जैसे आराध्यों से जुड़ी कथाएं बच्चों एवं युवाओं में अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति गौरव की भावना पैदा करती हैं। उन्होंने समाजबंधुओं से अपनी धार्मिक परंपराओं एवं संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कथा के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण बना रहा। श्रद्धालु पूरे मनोयोग से माता हिंगलाज की कथा का श्रवण करते रहे। कथा के बीच माता हिंगलाज एवं भगवान श्री झूलेलाल जी के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
पूज्य सेंट्रल सिंधी पंचायत के अध्यक्ष हरीश हासानी ने कहा कि चालीहा महोत्सव सिंधी समाज की आस्था, संस्कृति और एकता का महापर्व है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को संगठित करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि चालीहा महोत्सव के प्रत्येक कार्यक्रम में समाज की बढ़ती सहभागिता उत्साहजनक है।
झूलेलाल सिंधी सेवा मंडल के अध्यक्ष आकाश खियानी ने कहा कि भगवान श्री झूलेलाल का संदेश प्रेम, सेवा, सद्भाव और मानवता का संदेश है। चालीहा महोत्सव के माध्यम से समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सतत प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने समाज के सभी लोगों से परिवार सहित धार्मिक आयोजनों में सहभागिता करने का आग्रह किया।
मीडिया प्रभारी दिनेश कोडवानी ने कहा कि चालीहा महोत्सव के प्रत्येक कार्यक्रम में समाज का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। बाहर से पधार रहे संतों एवं भजन गायकों की भक्तिमय प्रस्तुतियों से श्रद्धालु भगवान श्री झूलेलाल जी की भक्ति से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और धार्मिक संस्कारों को मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी समाजबंधुओं से महोत्सव के शेष कार्यक्रमों में भी परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।
इस अवसर पर हरीश हासानी, आकाश खियानी, राम आहूजा, चंद्रप्रकाश नैनवानी, दिनेश कोडवानी, जयकिशन फबयानी, बसंत रंगलानी, अमित खियानी, कमल तोलानी, अजय कुकरेजा, अनिल पमनानी, सुरेश कुमार ठारवानी, अशोक जैसवानी, धीरज कुकरेजा, महेश पवानी, रोहित अशवानी, दीपक बचवानी, प्रमोद फुलवानी, नरेन्द्र गंगवानी, चंदू कोडवानी, वासुदेव वाधवा, मुकेश फबयानी, संजय सिंहवानी, रवि खेमचंदानी, नितेश रंगलानी, कमल हिरवानी, अक्षय हिरवानी, रमेश बचवानी, दीपक दलवानी, महेश अश्वनी, जतिन बचवानी, गिरिश वत्यानी, देवीदास कलवानी सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
महिला शक्ति की ओर से बबीता हासानी, हर्षा कोडवानी, माही हासानी, हिना कुकरेजा, हिना पमनानी, महक खियानी, हर्षा चंदू कोडवानी, हर्षा मखीजा, गुरप्रीत अशवानी, अंजू पवानी, आरना कुकरेजा, सिमरन खेमचंदानी, राधा शर्मा, अनु हीरवानी, सिमरन बचवानी, पुष्पा गेमलानी, आशा अशवानी, वर्षा होतवानी, सुहानी खियानी, पूनम हिरवानी, योगिता अश्वनी, धारणा कोटवानी, हर्षा बचवानी, सुमन दलवानी, राजी पवानी, साधना बचवानी, कौशल्या कुकरेजा, कशिश गेमलानी, अंजली बचवानी, जानवी आहूजा, नीलू गोदवानी, वंदना पंजवानी, बेबी पारी, कुमकुम सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।
कार्यक्रम में आए हुए भक्तों का स्वागत बबीता हासानी एवं हर्षा कोडवानी ने किया। कार्यक्रम का संचालन दिनेश कोडवानी ने किया तथा अंत में हरीश हासानी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने गुरु के अटूट लंगर का प्रसाद ग्रहण किया। माता हिंगलाज की पावन कथा एवं सत्संग के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री झूलेलाल जी एवं माता हिंगलाज के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
*दिनेश कोडवानी*
*मीडिया प्रभारी, सिंधी समाज झांसी*
