भारत सरकार ने ट्रंप प्रशासन से संपर्क के लिए लॉबिंग कंपनी (बिचौलियों) की मदद ली !!
“ऑपरेशन सिंदूर”
नई दिल्ली
“इंडियन एक्सप्रेस” की 7 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार ने ट्रंप प्रशासन तक पहुँच बनाने के लिए जेसन मिलर की लॉबिंग कंपनी *”SHW Partners”* की सेवाएँ ली थीं। मिलर ट्रंप के करीबी माने जाते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक मोदी सरकार साल भर के कॉन्ट्रैक्ट के लिए मिलर की कंपनी “SHW Partners LLC” को 17 करोड़ रुपये देती थी।
कंपनी ने अमेरिकी कानून FARA के तहत अपने काम का ब्योरा दिया है। यह कानून विदेशी ग्राहकों के लिए राजनीतिक पैरवी करने वाली कंपनियों से सार्वजनिक जानकारी माँगता है।
*”Indian Express”* की खबर बताती है कि
मोदी सरकार ने ट्रंप के करीबी जेसन मिलर की कंपनी को पैसा देकर अमेरिका में लॉबिंग करवाई।
मोदी सरकार ने यह कंपनी अप्रैल, 2025 में पहलगाम हमले के तुरंत बाद हायर की थी, ताकि अमेरिका से संबंध ठीक बने रहें।
ये वही समय था – जब ट्रंप ऑपरेशन सिंदूर और भारत, पाकिस्तान के बीच जारी वॉर को लेकर बयानों की झड़ी लगाए हुए थे।
गौरतलब है कि भारत में प्रचारित है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मोदीजी की दोस्ती है और मोदीजी का डंका सारी दुनिया भर में बज रहा है। कई मंत्री बीच-बीच में इसे दोहराते मिलते हैं।
कंपनी का कहना है कि उसने मई–जून 2026 में भारतीय पक्ष और वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के बीच आठ फोन कॉल कराए। इनमें वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट तथा व्यापार और व्हाइट हाउस के अधिकारी शामिल थे।
वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने अप्रैल 2025 में कंपनी से समझौता किया था। फीस हर महीने डेढ़ लाख डॉलर थी।
· समझौता अप्रैल 2026 में एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया, लेकिन मिलर के ट्रंप प्रशासन में विशेष सरकारी कर्मचारी बनने के बाद 23 जून को समाप्त कर दिया गया।
भारत ने ट्रंप के करीबियों से जुड़ी दूसरी कंपनी Mercury Public Affairs को भी हर महीने 75 हजार डॉलर पर रखा था।
सरकार के अधिकारियों ने कंपनी के जरिए मई-जून में 8 फोन कॉल्स अरेंज किए, लेकिन 23 जून 2026 को कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया गया। क्योंकि मिलर ट्रंप प्रशासन में “special government employee” बन गया था।👇
