यूपी के पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा का प्रमोशन नहीं बल्कि डिमोशन हुआ है, आइए समझते है पूरी थ्योरी
दरअसल यह पहला मौका नहीं है,
जब यूपी में सीएम पद या शीर्ष नेतृत्व की दावेदारी रखने वाले प्रभावशाली नेताओं के साथ ऐसा सियासी खेल खेला गया हो,
राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा के पहले,
यूपी के कद्दावर ब्राह्मण चेहरा और संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले कलराज मिश्रा जब बड़े पद की दौड़ में दिखे,
तो उन्हें राज्यपाल बनाकर दिल्ली और लखनऊ के
शक्ति केंद्रों से हमेशा के लिए दूर कर दिया गया था,
कलराज मिश्रा ही नहीं बल्कि
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भूमिहार नेता मनोज सिन्हा को भी
यूपी में #मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था।
उन्हें भी #उपराज्यपाल बनाकर जम्मू-कश्मीर भेज दिया गया,
ताकि यूपी की मुख्यधारा की राजनीति पर
केवल एक ही शक्ति केंद्र का नियंत्रण बना रहे।
अब दिनेश शर्मा को देश की मुख्यधारा से #हजारों किलोमीटर दूर अंडमान भेजना इसी रणनीति का हिस्सा है।
ब्राह्मण सम्मान का नाम देकर असल में #ब्राह्मण समाज के शीर्ष नेताओं को मुख्यधारा से बाहर किया जा रहा है !
