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लंदन में छतरपुर की बेटी क्रांति गौड़ का ऐतिहासिक चमत्कार, लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनीं:बृजेंद्र यादव

झांसी। बुंदेलखंड की माटी से निकलकर वैश्विक खेल पटल पर छा जाने वाली मध्य प्रदेश के छतरपुर (घुवारा) की 22 वर्षीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने महिला क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा चमत्कार कर दिखाया है। क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले ऐतिहासिक ‘लॉर्ड्स’ मैदान पर पुरुषों के पहले टेस्ट के 142 साल बाद खेले जा रहे इस पहले ऐतिहासिक महिला टेस्ट मैच में क्रांति ने इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में कातिलाना गेंदबाजी करते हुए 17 ओवरों में 7 मेडन रखते हुए महज 37 रन देकर 5 विकेट चटकाए। इस अविश्वसनीय ‘फाइव विकेट हॉल’ के दम पर वे लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ‘ऑनर्स बोर्ड’ पर अपना नाम दर्ज कराने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनकर इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए अमर हो गई हैं।
क्रांति के इस बेजोड़ प्रदर्शन की बदौलत भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड को पहली पारी में सिर्फ 170 रनों पर समेट कर मैच पर अपनी बेहद मजबूत पकड़ बना ली है।
छतरपुर जिले के एक बेहद साधारण परिवार में जन्मीं क्रांति गौड़ का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का यह सफर संघर्षों और अदम्य साहस की एक अद्भुत मिसाल है। साल 2011 में पिता की नौकरी छूटने के बाद परिवार भयंकर आर्थिक तंगियों से घिर गया था, जिसके चलते छह भाई-बहनों में सबसे छोटी क्रांति के पास जूते और क्रिकेट किट तक खरीदने के पैसे नहीं थे। उन्होंने गांव की गलियों में लड़कों के साथ टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलकर अपने हुनर को तराशा और विपरीत हालातों में उनकी मां ने अपने गहने गिरवी रखकर बेटी के सपनों को जिंदा रखा। छतरपुर क्रिकेट संघ के स्थानीय कोच राजीव बिरथरे ने क्रांति की असाधारण प्रतिभा को पहचानकर उन्हें मुफ्त कोचिंग और जरूरी संसाधन मुहैया कराए, जिसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश की सीनियर टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।
अपनी तेज रफ्तार और स्विंग से दुनिया भर के बल्लेबाजों को संकट में डालने वाली क्रांति ने महज 21 साल की उम्र में वनडे क्रिकेट में 6 विकेट लेकर झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सबसे युवा भारतीय तेज गेंदबाज बनने का गौरव पाया था। इसके बाद महिला प्रीमियर लीग में यूपी वॉरियर्स के लिए और फिर आईसीसी महिला विश्व कप में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनकर भारत को विश्व विजेता बनाने में उनका योगदान अद्वितीय रहा।
लॉर्ड्स टेस्ट के दूसरे दिन इतिहास रचने के बाद मैदान पर मौजूद दर्शकों ने खड़े होकर (स्टैंडिंग ओवेशन) इस युवा सनसनी का अभिवादन किया। बुंदेलखंड की इस बेटी की ऐतिहासिक वैश्विक उपलब्धि पर मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ₹1 करोड़ के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है, वहीं छतरपुर में उनके इस ऐतिहासिक गौरव को सहेजने के लिए एक आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम बनाने का भी निर्णय लिया गया है।

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