भरत चले चित्रकूट हो रामा श्रीराम को मनाने…
*पहरेदार ही सही भूमिका निभाते तो अयोध्या में चढ़ावा चोरी न होता:जगतगुरु रामस्वरूपाचार्य
झांसी।रजत जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में केशवपुर धाम में चल रही संगीतमय श्रीरामकथा के सातवें दिवस चित्रकूटधाम से पधारे श्रीराम कथा के श्रेष्ठ वक्ता कामदगिरि पीठाधीश्वर जगतगुरु रामस्वरुपाचार्य ने कहा कि संत और भगवंत जब दोनों कृपा करते हैं तब सभी कार्य सफल होते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ किंतु वनवासी राम के रुप में उन्होंने सबसे बड़ी तपस्या चित्रकूट में की।
जगतगुरु ने टीकमगढ के महाराज मधुकर शाह की पत्नी कुंवर गणेश को केकैयी का अवतार बताते हुए कहा कि कालांतर में उन्होंने राम को राजा बना दिया तब से रामराजा सरकार ओरछा में बैठकर इस धरा धाम की व्यवस्था संचालित कर रहे हैं।
भरत चरित्र का विस्तार से वर्णन करते हुए जगतगुरु ने कहा कि भरत जैसा भाई ऐसा सरल हृदय संत जो सबसे अधिक राम को प्यारा है, मिलन कठिन है।जब चित्रकूट के वन में कुटिया बनाकर रह रहे राम से मिलने भरत तीनों माताओं के साथ जाते हैं तो पूरी अयोध्या ही उनके साथ चली आती है। मानस में गोस्वामी तुलसीदास जी लिखते हैं “भरत चले चित्रकूट हो रामा श्रीराम को मनाने।” कामदगिरि पर्वत की महिमा का बखान करते हुए उन्होंने कहा कि वह सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला है। उन्होंने समूचे बुंदेलखंड को कला कलम और कृपाण के अलावा तपो भूमि भी बताया। पहरेदारों की भूमिका पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि आजकल पहरेदार ही गड़बड़ कर रहे हैं और अपनी भूमिका का सही निर्वाहन नहीं कर रहे हैं। यदि पहरेदार अपनी सही भूमिका निभाते तो शायद अयोध्या के रामलला मंदिर के चढावे में चोरी न होती।
कथा के प्रारंभ में श्रीमती साधना मिश्रा,पं. बृजमोहन मिश्रा (गुरुजी ), श्रीमती ममता प्रमोद गांधी ने व्यास पीठ एवं ग्रंथ का पूजन कर मानस की आरती उतारी। इस मौके पर सुरेंद्र तिवारी,हरीश मिश्रा, शिवराम पाठक, सेवानिवृत तहसीलदार बृजबिहारी अग्रवाल कन्हैया लाल गुप्ता, राघवेन्द्र सैन, पुष्पेंद्र सैन एवं महंत गणेशदास जी महाराज दूतखो रतनगढ़ ने कथा व्यास का माल्यार्पण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।मंच का संचालन पं अनूप शास्त्री ने किया।
प्रातः कालीन वेला में पंचकुंडीय श्रीसीताराम महायज्ञ में यज्ञाचार्य हेमंत कौशिक हरपालपुर के आचार्यत्व में विश्व-कल्याण की कामना से श्रीमती शालिनी एकांश मिश्रा, उर्मिला महेश कुमार साहू, प्रियंका सचिन साहू,सरिता अनूप सहगल, साधना आमोद किलपन, प्रगति अमित गंधी, उमा विनोद साहू बालाजी, मोहिनी सत्येंद्र सेन ग्वालियर, मधु राघवेन्द्र सेन खनियांधाना, मनीषा राहुल सोनी,खुशबू नितिन साहू,रिंकी राजू साहू, स्वाति प्रिंस अग्रवाल, जयंती राजकुमार साहू,प्रियंका राहुल शर्मा,पुष्पा दयाशंकर,राधा आशीष यादव, सीमा प्रदीप अग्रवाल, एवं रीना अजय अग्रवाल सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यज्ञ वेदिका में आहुतियां देकर पुण्य लाभ अर्जित किया। तथा पार्थिव शिवलिंग निर्माण कर विधि-विधान से उनका पूजन अर्चन कर आरती उतारी। इस मौके पर सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।अंत में बृजेश नारायण अगरिया ने सभी का आभार व्यक्त किया।
सायंकालीन वेला में
श्री खाती बाबा का अभिषेक एवं रुद्राभिषेक कर मन
मोहक श्रृंगार किया गया।रात्रि 8 बजे से म.प्र.के जिला दमोह से आये हरदास एण्ड पार्टी के द्वारा राई एवं फाग की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गयी। कलाकार मोती यादव ने गाया “जैसी मन में हती वैसी करी रामराजा ने..तो प्रदीय यादव ने कहरवा लगाते हुए गाया “मैंने धोखे से पकर लई सैंया चीन्हों नैया रे”..एवं अम्मू यादव ने गाया हियरा रे धरत नैंया धीर मिल जाते मोहन तनिक देख लेते ।इसी प्रकार अन्य कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देते हुए देर तक श्रद्धालु श्रोताओं को मंत्रमुग्ध होकर झूमने पर मजबूर कर दिया।
