सहकारिता से होगा समाज का सर्वांगीण विकास, गांव-गांव तक पहुंचाएं संगठन की विचारधारा: डॉ. संदीप सरावगी
झांसी। सहकार भारती के झांसी विभाग के अभ्यास वर्ग में सहकारिता के इतिहास, उद्देश्यों, समितियों के गठन, उनकी कार्यप्रणाली और संगठन के विस्तार पर विस्तार से मंथन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. संदीप सरावगी ने की। अभ्यास वर्ग में झांसी महानगर, झांसी देहात, जालौन और ललितपुर के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।
अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में डॉ. संदीप सरावगी ने सहकारिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को एकजुट करने और सामूहिक प्रयासों से सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करने वाली व्यवस्था है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सहकारिता के मूल सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाएं और गांवों से लेकर शहरों तक लोगों को इस व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास करें।
उन्होंने संगठन की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने, समितियों के गठन एवं संचालन की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने और सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग कर संगठन के उद्देश्यों, गतिविधियों और सहकारिता के लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा सकता है।
अभ्यास वर्ग के विभिन्न सत्रों में सहकार भारती के कार्यों, संगठनात्मक विस्तार, कार्यकर्ताओं की भूमिका तथा सहकारिता के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के विषय पर प्रबोधन किया गया। कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया गया कि वे स्थानीय स्तर पर लोगों से संवाद स्थापित कर सहकारिता आधारित गतिविधियों को आगे बढ़ाएं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कृषि अनुसंधान से जुड़े डॉ. सुनील कुमार चतुर्वेदी सहित विशिष्ट अतिथियों ने सहभागिता की। प्रथम सत्र में सुनील गुप्ता मंचासीन रहे तथा अध्यक्षता उदय सोनी ने की। द्वितीय सत्र में अरविंद दुबे मंचासीन रहे और अध्यक्षता श्री संतोष गुप्ता ने की। तृतीय सत्र में कैलाश निषाद एवं सुशील कुमार मंचासीन रहे, जबकि अध्यक्षता श्री धर्मेंद्र दुबे ने की। कार्यक्रम का संचालन विभाग सह संयोजक सर्वेश पटेल ने किया।
अभ्यास वर्ग का समापन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के झांसी विभाग प्रचारक मनोज ने किया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने सहकारिता को मजबूत बनाने, संगठन का गांव-गांव तक विस्तार करने और समाज के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
