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पुलिस-अधिवक्ता विवाद को लेकर जिला अधिवक्ता संघ की कार्यकारिणी ने रखा अपना पक्ष, षड्यंत्र के आरोपों पर दी सफाई

पुलिस-अधिवक्ता विवाद को लेकर जिला अधिवक्ता संघ की कार्यकारिणी ने रखा अपना पक्ष, षड्यंत्र के आरोपों पर दी सफाई

अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे और महामंत्री छोटेलाल वर्मा की संयुक्त प्रेस वार्ता, पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर शुक्ला सहित कुछ लोगों पर लगाए गंभीर आरोप

झाँसी। कलेक्ट्रेट स्थित शंकर सहाय भवन में जिला अधिवक्ता संघ द्वारा आयोजित मीडिया संवाद में संघ के अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे एवं महामंत्री छोटेलाल वर्मा ने पिछले एक सप्ताह से अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच चल रहे विवाद को लेकर अपना पक्ष रखा। संयुक्त प्रेस वार्ता में अध्यक्ष ने पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण देते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा सुनियोजित तरीके से पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच दरार पैदा करने का प्रयास किया गया, जिससे शहर की शांति एवं कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी।

अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे ने पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर शुक्ला से जुड़े कुछ लोगों पर आरोप लगाते हुए कहा कि विवाद को लगातार बढ़ाने और अधिवक्ताओं एवं पुलिस के बीच टकराव की स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में बीते दिन अध्यक्ष एवं महामंत्री के पुतले जलाकर माहौल को फिर से तनावपूर्ण बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अधिवक्ता समाज की गरिमा और शहर की शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

प्रेस वार्ता में मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ताओं आरसी दीक्षित, फरीद अहमद शरीफ, मदन बबेले, प्रभात शर्मा एवं बृजेंद्र सिंह यादव ने वर्तमान कार्यकारिणी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूर्व में अधिवक्ताओं के विरुद्ध कथित रूप से फर्जी मुकदमे दर्ज कराने और उन्हें परेशान करने की शिकायतें सामने आती रही हैं। वर्तमान कार्यकारिणी ने अधिवक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए ईमानदारी और निष्पक्षता से निर्णय लेने का प्रयास किया है।

वहीं महामंत्री छोटेलाल वर्मा ने चंद्रशेखर शुक्ला, रवीन्द्र उर्फ अरविंद नगरा, अनिल urf सुस्ती सहित, तहजीब बानो उर्फ नंदनी , संदीप यादव अन्य लोगों का नाम लेते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पिछले दिनों हुए घटनाक्रम को भी एक कथित साजिश का हिस्सा बताते हुए कहा कि जिस घटना को दुर्घटना के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, उसके पीछे भी षड्यंत्र की आशंका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मानहानि के संबंध में भी कानूनी कदम उठाने की बात कही।

संघ के पदाधिकारी रोमेश अग्रवाल द्वारा प्रेषित पत्र में प्रस्तुत तथ्यों पर भी अध्यक्ष एवं महामंत्री ने आपत्ति जताई। उन्होंने कुछ तथ्यों को गलत बताते हुए अपने पक्ष के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत किए। महामंत्री छोटेलाल वर्मा ने अध्यक्ष के कार्यकाल और संघ की कार्यप्रणाली को लेकर कहा कि कार्यकारिणी के सभी निर्णय निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप ही लिए जाएंगे तथा अधिवक्ताओं के हित सर्वोपरि रहेंगे।

संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि अधिवक्ता समाज की एकता, सम्मान और संगठन की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है। किसी भी विवाद का समाधान आपसी संवाद, संवैधानिक मर्यादा और विधिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।

अंत में महामंत्री छोटेलाल वर्मा ने उपस्थित अधिवक्ताओं एवं मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

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