बवाना अग्निकांड-राजनीति के बीच फंस गरीबो की मौत

नई दिल्ली 21 जनवरीः बवाना औद्योगिक क्षेत्र मे फैक्टियो  मंे लगी आग की चपेट मे आकर हुयी गरीबो  की मौत राजनीति के शोरगुल मे खो गयी है। आप और बीजेपी के बीच हो रहे इस युद्व मे घायल मृतको के परिजन हो रहे हैं। इस बीच मेयर प्रीति अग्रवाल का अजीबो गरीब बयान सामने आया है।

इस भीषण और दर्दनाक हादसे पर प्रीति अग्रवाल साफ-साफ हाथ झाड़ती नजर आईं. उन्हें यह कहते सुना गया कि इस फैक्ट्री की लाइसेंसिंग हमारे पास है, इसलिए हम कुछ नहीं बोल सकते. मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए प्रीति अग्रवाल ने यह बात अपने एक सहयोगी की कान में फुसफुसाते हुए कहा.

मेयर ने कहा माफी मांगे केजरीवाल

प्रीति अग्रवाल ने वायरल हुए अपने वीडियो पर कहा है कि वह सिर्फ अपने सहयोगी से घटना वाले इलाके के बारे में पूछताछ कर रही थीं और उनका आशय सिर्फ इतना था कि इस दुखद घड़ी में इस समय कुछ कहना सही नहीं होगा.

प्रीति अग्रवाल ने बताया कि घटना जिस इलाके में हुई है, वह DSIDC के तहत आता है और भूमि का आवंटन दिल्ली सरकार ने किया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को यह देखना चाहिए कि वहां किस तरह का काम चल रहा था. क्या फेक वीडियो को रीट्वीट करना और आम जन को गुमराह करना सही है? यह निंदनीय है और मैं उम्मीद करती हूं कि केजरीवाल इसके लिए माफी मांगें.

इस भीषण अग्निकांड में अब तक 17 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें 8 महिलाएं शामिल हैं. बताया जा रहा कि आग प्लास्टिक के गोदाम से शुरू हुई जो पास ही मौजूद पटाखा फैक्ट्री तक पहुंच गई. हादसे में 13 लोग पहली मंजिल, 3 ग्राउंड फ्लोर और एक की मौत बेसमेंट में हुई है. मरने वालों में 8 महिलाएं हैं.

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