– बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ४९वें स्थापना दिवस पर शनिवार को गांधी सभागार में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से उद्यमिता का उन्नयन विषयक कार्यशाला के मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने युवाओं का आह्वान किया कि बुंदेलखंड को विकास के मार्ग पर अग्रणी रखने में अहम भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि डिग्री नहीं अनुभव महत्वपूर्ण हैं। अपने अनुभवों के आधार पर ही व्यक्ति सफलता हासिल करता है। श्री शुक्ल ने स्वामी विवेकानंद के कथन बढ़ते चलो का उल्लेख करते हुए उस पर अमल करने पर भी जोर दिया। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई समेत बुंदेलखंड की तमाम विभूतियों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि चंद्रयान तीन की सफलता से हर भारतीय का मन खिल उठा है। उन्होंने कहा कि भारत को सपेरों देश कहने वाली विश्व की तमाम शक्तियों को ठोस जवाब दिया चंद्रयान तीन की सफलता ने। उन्होंने इसरो के विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने इसरो के वैज्ञानिकों के सतत प्रयास से बड़ी सफलता मिली। पूरे विश्व ने भारत की उपलब्धि को देखा। काशी के वैद्य सत्य नारायण शास्त्री को याद करते हुए उनकी विशिष्टताओं का उल्लेख किया। उन्होंने काशी के बीएचयू और महामना मालवीय के योगदान का जिक्र किया। अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कुलपति प्रो पाण्डेय ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। चित्र कला प्रतियोगिता के विजेताओं पंकज कुमार, कामिनी कुशवाहा, मोनिका सिसौदिया को पुरस्कार प्रदान किया गया। इसी मौके पर वैद्यनाथ आयुर्वेद भवन और बुविवि के बीच एक करार पर हस्ताक्षर भी हुआ। सारस्वत अतिथि पूर्व कुलपति प्रो सुरेंद्र दुबे ने रानी लक्ष्मीबाई समेत अनेक विभूतियों को याद करते हुए विश्वविद्यालय की प्रगति का ब्यौरा पेश किया। विशिष्ट अतिथि सांसद अनुराग शर्मा ने कहा कि वह बुविवि के पुरातन छात्र संगठन के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने इसरो की प्रगति का भी उल्लेख किया है। उन्होंने चंद्रयान तीन की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने अधिक से अधिक विद्यार्थियों से शोध की गतिविधियों में हिस्सा लेने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि २९ अगस्त को झांसी में हाकी के संग्रहालय का शिलान्यास होगा। बुविवि में पूर्व सांसद पंडित विश्वनाथ शर्मा के नाम पर एक संस्थान की स्थापना की जाएगी। इस कार्यक्रम में कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने एनईपी को पूरी तरह लागू कर दिया है। कुलपति प्रो मुकेश पाण्डेय ने रानी लक्ष्मीबाई को याद करते हुए सभी को बुविवि के स्थापना दिवस की बधाई दी। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की असीम अनुकम्पा से इस विश्वविद्यालय को मां कामाख्या का आशीर्वाद सतत मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत वसुधैव कुटुंबकम के संदेश को पूरी दुनिया में प्रसारित कर रहा है। भारत दुनिया का एकमात्र देश है जिसने चंद्रमा के दक्षिण हिस्से पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराया है। उन्होंने विश्वविद्यालय की बहुआयामी उपलब्धियों का भी जिक्र किया। प्रो पाण्डेय ने कहा कि जिसके पास ज्ञान है वहीं सुखी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। आज भारत हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की खूबियों को भी उन्होंने रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज भारत में स्टार्ट अप की संख्या एक लाख से अधिक है। उन्होंने बताया कि बुविवि का दीक्षांत समारोह आगामी २० सितंबर को आयोजित किया जाएगा। एनईपी का यहां सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया है। विद्यार्थियों को नवोन्मेष और व्यावहारिक ज्ञान देने के साथ साथ स्वावलंबी बनाने की योजनाएं भी यहां चल रही हैं। वित्त नियंत्रक वसी मोहम्मद, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डा सुनील
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बुंदेलखंड के विकास में अहम भूमिका निभाएं : शिव प्रताप शुक्ल
