_*कोंच के समर्थन में उतरे जिले भर के गल्ला व्यापारी, आरपार के लिए तैयार कोंच के व्यापारी*_
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*पीडी रिछारिया, हरिश्चंद्र तिवारी, राहुल राठौर*
*कोंच (जालौन)।* एमएसपी पर किसानों की उपज खरीदने के शासन के डंडे की मुंदी मार से बचने के लिए कोंच के गल्ला व्यापारी अपनी पूर्व घोषणा के मुताबिक सोमवार से हड़ताल पर चले गए हैं। हालांकि बीच का कोई रास्ता निकालने और गल्ला व्यापारी हड़ताल से वापस लौट आएं, को लेकर सोमवार को एसडीएम सुशील कुमार सिंह ने मंडी सभागार में व्यापारियों के साथ बैठक भी की लेकिन बात बनी नहीं और व्यापारी हड़ताल खत्म करने पर राजी नहीं हुए। गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय रावत ने बताया कि कोंच के व्यापारियों के समर्थन में पूरे जिले के गल्ला व्यापारी उतर आए हैं जो शासन के फरमान को व्यापार विरोधी बताते हुए उसका विरोध कर रहे हैं। कोंच के व्यापारी भी आरपार के लिए तैयार हैं।
मंडी समिति कार्यालय के सभागार में सोमवार की दोपहर करीब दो बजे एसडीएम सुशील कुमार सिंह ने गल्ला व्यापारियों के साथ बैठक की जिसमें मंडी सचिव सोनू व आरएफसी केंद्र प्रभारी राहुल शर्मा भी मौजूद रहे। एसडीएम ने कहा, उन्होंने व्यापारियों के लिए ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे हड़ताल की नौबत बनी, वह तो किसानों को मोल्ड कर रहे हैं और सरकार की भी यही मंशा है कि वह अपनी उपज सस्ते में न बेचकर सरकार द्वारा निर्धारित एमएसपी पर बेचें ताकि उन्हें फायदा हो। उन्होंने व्यापारियों से हड़ताल खत्म करने का भी आग्रह किया लेकिन बात बन नहीं सकी और व्यापारी इस स्थिति में व्यापार करने को कतई राजी नहीं हुए। गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय रावत ने बताया कि गल्ला व्यापार बुंदेलखंड अध्यक्ष प्रदीप महेश्वरी उरई से बात कर ली गई है, जिले भर की व्यापारी कोंच के व्यापारियों के समर्थन में उतर आए हैं, अब सभी के साथ बैठक कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान विजय गुप्ता भोले, विनोद दुवे लौना, मनोज गुप्ता दीपू, राजीव पटेल बॉबी, दिनेश खिल्ली वाले, रामकुमार अग्रवाल, ध्रुव प्रताप सिंह, राममोहन रिछारिया, प्रतीक मिश्रा, नवनीत गुप्ता, अशोक लोहई वाले, अंशुल मिश्रा, जीतू राठौर, सुमित कुशवाहा, जयप्रकाश मुखिया, दिनेश अग्रवाल, पंचम पटेल, अखिलेश बबेले, पवन लोहिया, जगदीश राठौर, मोहर सिंह कुशवाहा, नरेश लोहिया, रोहन अग्रवाल, आनंद गुप्ता, अजय बाबूजी, रामराजा निरजंन, सुशील मास्टर, छोटू तिवारी, लकी पटेल आदि मौजूद रहे। गौरतलब है कि जब गेहूं की खरीद एमएसपी पर करने का सरकारी फरमान आया तो व्यापारियों ने गेहूं खरीदने से हाथ खींच लिए थे, लेकिन जब बात और आगे बढ़ते हुए चना, मसूर, लाही भी एमएसपी से ऊपर खरीदने का नया फरमान आया तो उन्होंने किसी भी तरह का व्यापार कार्य करने से ही हाथ खड़े कर दिए और रविवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का जो ऐलान कर दिया था उस पर अमल करते हुए सोमवार को गल्ला मंडी में किसी भी दुकान का शटर नहीं खुला।
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*मेरा आग्रह किसानों से है कि एमएसपी पर ही अपनी उपज बेचें-एसडीएम*
_*कोंच।* इस पूरे मामले को लेकर एसडीएम सुशील कुमार सिंह ने कहा है कि उन्होंने व्यापारियों पर ऐसा कोई दबाव नहीं डाला जिसकी वजह से वे हड़ताल पर जाने को विवश हुए, बल्कि उनका आग्रह केवल किसानों से है कि वे अपनी उपज सस्ते में बेचने के बजाए सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही बेचें ताकि उन्हें फायदा हो सके। उन्होंने कहा, उनके लिए जितना महत्वपूर्ण किसान है उतना ही व्यापारी लिहाजा व्यापारी हड़ताल खत्म कर अपना व्यवसाय शुरू करें।_
*आढ़तियों की हड़ताल ने किसानों के लिए पैदा कर दी है समस्या-तरुण*
_*कोंच।* आढ़तियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने किसानों के लिए बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। हालांकि देर सबेर मसूर, चना और लाही की एमएसपी पर खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर व्यवस्था हो जाएगी लेकिन मटर पर एमएसपी नहीं है और आढतें बंद होने से मटर बिक नहीं पा रही है। किसान तरुण निरंजन का कहना है कि उन्हें और उन जैसे तमाम जरूरतमंद किसानों को अपनी मटर बेचनी हैं तो वे कहां जाएं। सरकारी क्रय केंद्रों पर मटर की खरीद होनी नहीं है और आढतें बंद हो चुकी हैं, यह स्थिति किसानों के लिए खासी मुसीबत भरी है।_
